इनसे हैं हम - कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

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utkarshexpress.com, उन्नाव (उ प्र)- देश के 51 ऐतिहासिक महानायकों/ महानायिकाओं, जिनमें से अधिकांश के बारे में देशवासियों को या तो ज्ञान नहीं है या फिर अल्प ज्ञान है। ऐसी विभूतियों को  #आजादी काअमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में 51 साहित्यकारों के द्वारा लिखे आलेखों के संग्रह # इनसे हैं हम #  नामक संग्रह में संजो कर देश के सामने प्रस्तुत किया गया है।
यह महती प्रयास आदरणीय धरम चन्द्र पोद्दार एवं डॉ अवधेश कुमार अवध  के अथक सद्प्रयासों से सम्भव हुआ। इस संग्रहणीय एवं प्रसारणीय ऐतिहासिक  ग्रंथ में मेरा (कर्नल प्रवीण त्रिपाठी) भी "श्री राम जी की गिलहरी" के समान छोटा सा योगदान "महाराणा प्रताप" के जीवन वृत्त पर आधरित एक आलेख के रूप में हुआ है, (पृष्ठ 46 49)।
इस ग्रन्थ की प्रतियां मुझे भी प्राप्त हुईं। जो कि "श्याम प्रकाशन" जयपुर से प्रकाशित हुई तथा 180 पृष्ठों की सजिल्द प्रति का मूल्य मात्र 280.रु में उपलब्ध है। इस महान ग्रन्थ को प्रत्येक भारतीय परिवार का हिस्सा बनना चाहिये और इसे खुद तो पढ़ना ही चाहिये अपितु परिवार के प्रत्येक सदस्य विशेषकर बच्चों को अवश्य पढ़ना चाहिए। ताकि उन्हें भारत की गौरवशाली और संघर्षपूर्ण विरासत के बारे में ज्ञान हो सके।
इसकी प्रति प्राप्त करने हेतु श्याम प्रकाशन (मो. +919784050050) से संपर्क किया जा सकता है।  इसे मैंने अपनी facebook wall पर शेयर किया है। 

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