12वें भारतीय छात्र संसद का उद्घाटन, देशभर के 10 हजार युवा करेंगे राजनीतिक सहभागिता पर मंथन

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utkarshexpress.com पुणे ( महाराष्ट्र) - 15 से 17 सितंबर तक एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के स्वामी विवेकानंद सभा मंडल में अलग-अलग सत्रों में होगा राजनीति व समाज समेत विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर विमर्श

•युवाओं को स्थानीय निकाय से लेकर संसद तक मौजूदगी बढ़ानी होगी - श्री राहुल कराड

•युवा बदल सकते हैं राजनीति का चरित्र, भविष्य के नेता तैयार करने का मंच है भारतीय छात्र संसद- श्री एसपी सिंह बघेल

•इकोनॉमी से इकोलॉजी की यात्रा तय करें, जीडीपी के साथ जल, जंगल, जमीन की भी बात हो- श्री अनिल जोशी

भारतीय छात्र संसद के 12वें संस्करण का उद्घाटन गुरुवार, दिनांक 15 सितंबर 2022 को पुणे स्थिति एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के स्वामी विवेकानंद सभा मंडप में हुआ। यह कार्यक्रम भारतीय छात्र संसद फाउंडेशन और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्मेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय विधि न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल रहे। इस अवसर पर भारतीय छात्र संसद के सरंक्षक प्रो. विश्वनाथ डी. कराड की गरियामयी उपस्थिति रही। भारतीय छात्र संसद के उद्घाटन सत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कैलासवादिवु सिवन, प्रख्यात पर्यावरणविद एवं पद्मभूषण से सम्मानित श्री अनिल प्रकाश जोशी, इंडियन मर्चेंट चैंबर्स के अध्यक्ष एवं जेके एंटरप्राइजेज के सीईओ श्री अनंत अजयपत सिंघानिया, शास्त्रीय गायिका कौशिकी चक्रवर्ती, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक एवं भारतीय छात्र संसद के संस्थापक श्री राहुल कराड की विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक एवं भारतीय छात्र संसद के संस्थापक राहुल कराड ने बताया कि “औपनिवेशिक मानसिकता से छुटकारा पाने का वक्त आ गया है, इंडिया की जगह भारत शब्द का प्रयोग अधिकृत किया जाए, साथ ही स्वतंत्रता दिवस का नाम बदलकर राष्ट्रीय दिवस होना चाहिए, इसके लिए एमआईटी के छात्र-छात्राओं द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। श्री राहुल कराड ने कहा कि “भारत दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी है। सुशासन के लिए संसदीय प्रक्रियाओं से प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय निकाय से लेकर संसद मौजूदगी बढ़ानी होगी”।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय विधि न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि “ऐसे कार्यक्रमों से देश में युवा नेतृत्व की भावना मजबूत होगी और छात्रों में राजनीतिक सहभागिता बढ़ेगी जिससे देश की संसद को बेहतर नेतृत्व मिलेगा”। श्री बघेल ने कहा कि “लोकभाषा, लोक संस्कृति, लोक व्यव्यार से ही लोकतंत्र मजबूर होगा। भारतीय भाषाएं व संस्कृति देश के विकास का आधार हैं”। उन्होंने कहा कि, "राष्ट्र निर्माण में युवा क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि आज के युवा चिकित्सा, इंजीनियरिंग और सिविल सेवाओं को छोड़कर राजनीति में करियर बनाने पर विचार कर रहे हैं।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के पहल की सराहना करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कैलासवादिवु सिवन ने अपने बताया कि “युवा नेतृत्व साइंस एंड टेक्नोलॉजी को जन-जन तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा। श्री सिवन ने कहा कि “सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में इनोवेशन व तकनीक आधारित सेवाओं का विशेष योजदान होता है।”

प्रख्यात पर्यावरणविद एवं पद्मभूषण से सम्मानित श्री अनिल प्रकाश जोशी अनिल जोशी ने कहा कि “देश को इकोनॉमी के साथ इकोलॉजी की ओर आगे बढ़ाना होगा। अर्थिक विकास के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन की समृद्धि पर भी बात होनी चाहिए”। श्री जोशी ने बताया कि “अब समय आ गया है कि हम प्रकृति के पांच तत्वों के महत्व को समझें और प्रकृति की रक्षा करें।   

कार्यक्रम में “फ्रीडम ऑफ स्पीच” विषय पर युवा कांग्रेस के प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावरू,  पूर्व सीबीआई डायरेक्टर डीआर कार्तिकेन, आचार्य इंद्रेश उपाध्याय, ओडिशा के मंत्री तुषारकांति बेहरा ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि “अभिव्यक्ति की आजादी के लिए एक रेखा होनी चाहिए लेकिन वर्चस्व दिखाने के लिए इस मर्यादा को लांघा जा रहा है” श्री महाना ने बताया कि समाज और युवाओं का दृश्टिकोण बदलने में छात्र संसद जैसी मुहिम कारगर साबित होगी”।

भारतीय छात्र संसद के 12वें संस्करण का आयोजन महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय के साथ खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय तथा मानवाधिकार के लिए यूनेस्को चेयर के सहयोग से किया जा रहा है। तीन दिवसीय भारतीय छात्र संसद के दौरान विभिन्न सत्रों में देश के अलग-अलग शैक्षिण संस्थानों से आए हजारों छात्र-छात्राएं समाज व राजनीति से जुड़े विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर व्यापक चिंतन एवं विमर्श कर रहे हैं। इस दौरान राजनीति, समाजसेवा, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, संस्कृति समेत अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम को कई सामाजिक तथा शैक्षिणक संस्थाओं द्वारा प्रोत्साहित किया गया है। मौजूदा भारतीय छात्र संसद का समापन 17 सितंबर को दोपहर 3:00 बजे होगा।

भारतीय छात्र संसद के बारे में-

भारतीय छात्र संसद एक गैर राजनीतिक संगठन है। देश में युवा नेतृत्व विकसित करने के उद्देश्य से 2011 में इसकी शुरुआत की गई थी। यह एक ऐसा मंच है जो राजनीतिक क्षेत्र के लिए प्रतिभाशाली एवं दक्ष युवा नेतृत्व विकसित करता है। भारतीय छात्र संसद के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं को एक मंच प्रदान किया जाता है जहां पर वह संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रियाओं, सार्वजनिक नीतियों आदि पर ना सिर्फ विचार-विमर्श करते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपेक्षित प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं। एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राहुल विश्वनाथ कराड भारतीय छात्र संसद के संयोजक और समन्वयक हैं। साथ ही एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विश्वनाथ कराड भारतीय छात्र संसद के संरक्षक हैं।

(विस्तृत जानकारी के लिए www.bharatiyachtrasansad.org पर विजिट करें।  जनसंपर्क विभाग,- एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे)

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