मुठभेड़़ में सेना के पांच जवान शहीद, सुरक्षाबलों ने दो आतंकी मार गिराए

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Utkarshexpress.com श्रीनगर - जम्मू–कश्मीर में दो अलग–अलग मुठभेड़ों में दो अज्ञात आतंकवादी मारे गए और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इनमें से एक आतंकवादी अनंतनाग जिले में रविवार रात हुई मुठभेड़ के दौरान मारा गया है। इस बीच सोमवार सुबह बांदीपोरा जिले में एक और मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में भी एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया। सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। ॥ वैशाख सिंह॥ सिपाही॥ सराज सिंह॥ सिपाही॥ गज्जन सिंह॥ सिपाही॥ मंदीप सिंह॥ नायक॥ जसविंदर सिंह॥ नायब सूबेदार॥ पाकिस्तान की ओर से जम्मू–कश्मीर में त्योहारों के मौके पर बड़े हमलों की साजिश एक बार फिर सामने आई है। सोमवार तड़़के नियंत्रण रेखा से सटे जिला पुंछ के सूरनकोट इलाके में घातक हथियारों से लैस दुदाÈत आतंकियों के एक ग्रुप के साथ चली मुठभेड़ में सेना के एक जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए। ॥ सूत्रों का कहना है कि करीब ५ से ६ विदेशी मूल के इन आतंकियों ने एलओसी से घुसपैठ की और जब इसकी पुख्ता जानकारी सेना को मिली तो फौरी तौर पर सर्च अभियान चलाया गया। बताया गया कि ये तमाम आतंकी सूरनकोट के एलओसी से सटी डेरा की गली के चामेर के घने जंगल में छिप गए थे। सर्च अभियान के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सेना की पेट्रोलिंग टुकड़ी पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सेना की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान एक जेसीओ समेत ५ जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए‚ जिनकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। ५ जवानों के शहीद होने की पुष्टि रक्षा मंत्रालय के जम्मू स्थित प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने भी की है। शहीदों में नायब सूबेदार जसविंदर सिंह‚ नायक मंदीप सिंह‚ सिपाही गज्जन सिंह‚ सराज सिंह और वैशाख सिंह शामिल हैं॥। घाटी में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑल आउट से बौखलाए पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओंं ने गत एक अरसे से नियंत्रण रेखा के इस जुड़वां जिले राजोरी व पुंछ में फिर से आतंकी गतिविधियों को शुरू कर दिया है। विगत कुछ माह में यहां आतंकियों के साथ मुठभेड़ें भी हुइÈ और कुछ एक आतंकी मार गिराए भी गए। यहां से घाटी से जुड़े मुगल रोड पर कई बार आईईडी विस्फोटक मिले हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ ने अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद इस बाबत विशेष खबरें भी प्रकाशित की हैं कि अफगानिस्तान में सक्रिय जैश–ए–मोहम्मद‚ लश्कर–ए–तैयबा तथा अल बदर जैसी आतंकी तंजीमों के आतंकियों के कई गुट इसी नियंत्रण रेखा के पार बने आतंकी शिविरों तथा लॉन्चिंग पैड पर पहुंच गए हैं। ये सब विदेशी मूल के आतंकी अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों की मदद कर रहे थे। इस सच को पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी स्वीकारा है कि उसके यहां के बड़ी संख्या में जिहादी ट्रेनिंग लेकर अफगानिस्तान तालिबान की मदद के लिए गए थे

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