युवाओं के लिए जानलेवा है कोरोना की दूसरी लहर

युवाओं के लिए जानलेवा है कोरोना की दूसरी लहर

utkarshexpress.com देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बुजुर्गों के साथ ही युवाओं पर भी कहर बरपा रही है। अप्रैल के महीने में अभी तक 408 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 190 के करीब मृतक पचास साल से कम उम्र के हैं। सरकार की ओर से कराए जा रहे डेथ ऑडिट में यह सच्चाई सामने आई है। राज्य में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बहुत घातक साबित हो रही है। पिछले साल पहली लहर के दौरान मौत का आंकड़ा काफी कम था। लेकिन दूसरी लहर में बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। अप्रैल के महीने में ही अभी तक 408 मरीजों की जान जा चुकी है। इसमें से भी अधिकांश संक्रमितों की मौत 15 अप्रैल के बाद हुई थी। मरीजों की मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा पिछले एक सप्ताह के दौरान रहा है जब बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। राज्य में कोविड ट्रीटमेंट, प्रोटोकाल और डेथ ऑडिट के इंचार्ज प्रो हेमचंद्रा ने बताया कि इस बार का वायरस बहुत घातक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों में संक्रमण के बाद गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से बीमार लोगों के लिए भी यह वायरस बहुत घातक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार का म्यूटेंट पिछली बार के म्यूटेंट से ज्यादा घातक नजर आ रहा है। राज्य के देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिले में संक्रमण के अधिकांश मामले हैं। इससे देहरादून और हल्द्वानी के अस्पतालों पर भारी दबाव है। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से आईसीयू और वेंटीलेटर की डिमांड बहुत अधिक बढ़ गई है। देहरादून में मरीजों को आईसीयू, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन सपोर्टड बेड समय पर नहीं मिल पा रहे जिससे बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तृप्ति बहुगुणा इसकी पुष्टि करती हैं। उन्होंने माना कि गंभीर मरीजों को यदि समय पर सपोर्ट नहीं मिला तो उनकी मौत होने का खतरा रहता है। राज्य में टीकाकरण कराने वाले किसी भी संक्रमित की अभी तक मौत नहीं हुई है। इसके अलावा जिन लोगों ने टीका लगाया है उनमें संक्रमण की दर भी काफी कम है और ऐसे लोग कम ही संक्रमित हो रहे हैं। प्रो हेमचंद्रा ने बताया कि जिन लोगों में टीकाकरण के बाद संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए उनमें गंभीर लक्षण भी नहीं पाए गए हैं और माइल्ड इंफेक्शन के बाद ही ऐसे मरीज ठीक हो रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वायरस बहुत घातक सिद्ध हो रहा है। ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं। दूसरी लहर के दौरान अभी तक हुई मौतों में चालीस प्रतिशत के करीब युवा वर्ग के मरीज हैं। इससे समझा जा सकता है कि युवाओं पर भी वायरस का बहुत ज्यादा असर हो रहा है।

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