जूते पायल = अर्चना गोयल माही

जूते पायल = अर्चना गोयल माही

जूतें वर्दी पहन कर मैं ज्ञान की सीढ़ी चढ़ जाऊंगी,
अभी ना पहनूंगी पायल जिद पर मैं अड़ जाऊंगी।

खो न जाए स्कूल का शोर पायल की छम-छम में,
फीकी ना पड़ जाएं पुस्तक श्रृंगार की चम चम में,
रोक टोक न लगे तो मैं आगे ही आगे बढ जाऊंगी,
अभी ना पहनूंगी पायल जिद पर मैं अड़ जाऊंगी।
जूतें वर्दी पहन कर मैं ज्ञान की सीढ़ी चढ़ जाऊंगी,
अभी ना पहनूंगी पायल जिद पर मैं अड़ जाऊंगी।

छात्रा की उम्र छोटी होती है जल्दी पूरी हो जाएगी,
कर ज्ञान का श्रृंगार ससुराल में डोली मेरी जाएगी,
थोड़ा सा जो साथ मिले तो  क्या क्या गढ़ जाऊंगी,
अभी ना पहनूंगी पायल जिद पर मैं अड़ जाऊंगी।
जूतें वर्दी पहन कर मैं ज्ञान की सीढ़ी चढ़ जाऊंगी,
अभी ना पहनूंगी पायल जिद पर मैं अड़ जाऊंगी।
= अर्चना गोयल माही, बहादुरगढ़ हरियाणा
 

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