संकल्पित मन = कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

संकल्पित मन = कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

घोर तिमिर का नाश करेंगे
अंधकार से रोज लड़ेंगे।1

दूर भगा कर सर्व निराशा
मन में नव विश्वास भरेंगे।2

विपदाएँ कितनी हों भारी।
मिलकर दुख भवताप हरेंगे।3

मानव का जीवट तगड़ा है।
युक्तिपूर्वक रोग टरेंगे।4

नहीं  कायदे जो मानें वो।
कोविड से बेमौत मरेंगे।5

नियमों का पालन करके ही।
बीमारी से लोग बचेंगे।6

सारे मिल सहयोग करें जब।
स्वस्थ राह पर पैर धरेंगे।7
= कर्नल प्रवीण त्रिपाठी,  नोएडा/उन्नाव
 

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