दीपोत्सव - स्वर्णलता

pic

देखो सखी दीवाली आयी,
सभी मिल दीपोत्सव मनाएं।
अंधियारे को दूर भगा कर,
दीवाली हम खूब मनाएँ।।

नैनों के दीपक लेकर के,
भावों के हम रंग लगाएं ।
अश्रु का तेल डाल कर के,
दीवाली हम खूब मनाएं।

तारों से झिलमिल ले करके,
जुगनू से जगमग ले आएँ।
खुशियों की फुलझड़ियाँ छूटें,
दीवाली हम खूब मनाएं।।

प्रेम प्रीत की पूनम आये,
अमावस्या को दूर भगाएं।
हर दिल में जल उठें दीप अब,
दीवाली हम खूब मनाएँ।।

स्वार्णिम आभा फैले जग में,
खुशियों के सब दीप जलाएं,
दूर हो दिलों का अंधेरा,
दीवाली हम खूब मनाएँ।।
- स्वर्णलता, दिल्ली 110033
 

Share this story