भक्ति-गीत = नीलू मेहरा 

भक्ति-गीत = नीलू मेहरा

हे देवी हे मात भवानी, तेरी महिमा सब ने जानी।

लक्ष्मी- काली हे जगदम्बे, हे जग जननी हे मा अम्बे।

चैत्र नराते आए माता, याचक अनुपम दर्शन पाता।

विद्या दात्री विद्या दे दे, शक्ति, बुद्धि, लक्ष्मी से वर दे।

शेरावाली,अम्बे रानी, दुर्गा चण्डी, जगत भवानी।।

हे देवी हे मात भवानी, तेरी महिमा सब ने जानी।।

निशदिन तेरा नाम जपू मैं, पूजन वंदन नित्य करू मैं।

फूल चढ़ाऊॅ॑, भोग लगाऊॅ॑, रोली, मौली छतर सजाऊॅ॑ ।।

तुझसे चलता दाना पानी, तुझे सुनाऊॅ॑ अट-पट बानी।

हे देवी हे मात भवानी, तेरी महिमा सब ने जानी।।

कैसा ये अंधियारा छाया, मारक साया है गहराया।

कोरोना को मार भगाओ,जग में खुशिया फिर से लाओ।।

हे रण चण्डी, हे मा भवानी, तू कल्याणी तू वरदानी।।

हे देवी हे मात भवानी, तेरी महिमा सबने जानी।

लक्ष्मी काली, हे जगदम्बे, हे जग जननी हे मा अम्बे।।

=   नीलू मेहरा, कोलकाता ।

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