दोहे (पत्रकार) = डा० नीलिमा मिश्रा

pic

पत्रकार की भूमिका , होती बहुत महान ।
जन-जन को संदेश दे , और बढ़ाए ज्ञान ।।

समाचार जब भी लिखें , रक्खें इसका ध्यान ।
हो नवीनता सुरुचि भी, अलग बने पहचान ।।

टकरावों संघर्ष पे , रखें हमेशा कान ।
पर समाज तोड़े नही, रखें सभी का मान।।

शब्द जाल फैला रहे, चैनल के शैतान ।
बढ़ा रहे टी आर पी , लगती नित्य दुकान।।

गला फाड़ चिल्ला रहे, पत्रकार नादान ।
मूरख जैसे दिख रहे, बनते बहुत सुजान।।

जनता भी पगला गयी , सुन-सुन पकते कान ।
चैनल बदलें रात दिन, घर में रह इंसान ।।

आस पास की ख़बर को , जो देता स्थान ।
पत्रकारिता जगत में, होता वही महान ।।

पैदा करना सनसनी, होता है आसान ।
अर्द्ध सत्य छापा अगर, होयेगा नुक़सान ।।

नारी की हर हाल में , छुपी रहे पहचान ।
हो बलात या गृह कलह, रखिए इसका ध्यान ।।

पत्रकार भाई - बहन, आप जगत की शान ।
नीलम ने दोहे कहे ,दिल में रख सम्मान ।।
= डा० नीलिमा मिश्रा , प्रयागराज
 

Share this story