चुनाव = रूबी गुप्ता 

चुनाव = रूबी गुप्ता

हमे चाहिए  सिर्फ  सत्ता की कुर्सी, 
कसम है वतन की वतन बेच देंगे। 
मरें मुर्ख  जनता मरें कर्मचारी, 
सत्ता की खातिर कफ़न बेंच देगें। 
अभी है नशा सिर्फ  कुर्सी  हमारी, 
हमे सुधि लेने की फुर्सत नहीं है। 
हिम्मत नहीं है, किसी सिरफिरे  को,
करें द्रोह हमसे,बचाने को जीवन।
मचाया  तहलका कोरोना ने आकर,
मगर अपनी  कुर्सी  बचानी हमे है।
संविधान  बनाकर दिया सबको तोहफा ,
मगर  हक माँगने की जुर्रत नहीं है। 
ये कैसी है सरकार,ये कैसे हितैषी, 
जिन्हें सुधि लेने की फुर्सत नहीं है। 
 ना सुन बात इनकी, है दिखावा छलावा, 
जगो अब भी  बाकी है , गर हिम्मत तुम्हारी ।
बहिष्कार करना है  केवल  सुरक्षा। 
बहिष्कार  कर अब जीवन की  खातिर।
=रूबी गुप्ता , कुशी नगर 

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