जज्बात = शम्भू सिंह 

जज्बात = शम्भू सिंह

साहिब, बदन पर वर्दी हो यह जरूरी नहीं, 
शहीदी देने का जज्बा ही काफी है। 
जंग लड़ने के लिए हथियार होना जरूरी नहीं, 
घर में रुके रहना ही काफी है ।
मर मिटने के लिए तैयार होना जरूरी नहीं ,
किसी की जान बचाना ही काफी है ।
सरहद पर जा, दुश्मन से आंख मिलाना जरूरी नहीं ,
अभी घर  बैठकर दुश्मन से लड़ना ही काफी है ।
हम स्वतंत्र भारत के बाशिंदे, 
इकट्ठे होकर लड़े यह जरूरी नहीं, 
एक एक रहकर भी मोर्चा संभालना ही काफी है।
जीवन की दौड़, दौड़ ना ही जरूरी नहीं,
सकारात्मकता के कुछ कदम चलना ही काफी है।
महत्वाकांक्षी बनना जरूरी नहीं ,
आत्मविश्वास से भरे रहना ही काफी है ।
अभी मर मिटने की इच्छा होना जरूरी नहीं ,
जंग रूपी जीवन को जीतना ही काफी है।
                            
= Shambhu Singh, Sikar, Rajasthan

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