सहानुभूति (आलेख)  = ममता जोशी

सहानुभूति (आलेख) = ममता जोशी

सहानुभूति का शाब्दिक अर्थ सह +अनुभूति सह का अर्थ है साथ और अनुभूति का अर्थ है अनुभव करना "सहानुभूति " का मतलब किसी के खुशी में शामिल होने या किसी के दुख में उसकी सहायता करना हि "सहानुभूति " होता है । "सहानुभूति " चाहे वह मनुष्य हो य जीब -जन्तु, पेड़,पौधे सभी के प्रति जो हमारे मन में दया का भाव उत्पन्न होता है उसे ही " सहानुभूति " कहते हैं ।
कहा जाता है चौरासी लाख योनि के बाद मनुष्य जन्म मिलता है । मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है । जिसके अन्दर सबसे ज्यादा सोचने समझने की शक्ति है। समझ तो सभी जीवों में है । बोलते हैं वे पर हम उन्हें कभी समझते नहीं हैं । आज की हकीकत ये है कि अगर आज इस धरती पर कोई भी दुखी है तो सिर्फ और सिर्फ मनुष्य के कारण । पेड़-पौधे शान्ति से जी रहे लेकिन मनुष्य उन्हें शान्ति से जीने नहीं देते अपने स्वार्थ के लिए उनका विनाश कर देते । पशुओं को भी मनुष्य के कारण दुख मिलता है। 
"सहानुभूति "का ये मतलब नहीं कि ये सिर्फ अपने परिवार के लिए हमारे दिल में है।  "सहानुभूति " धरती पे सभी प्राणी के लिए होना चाहिए।  "सहानुभूति "हमारे अन्दर तभी आती जब हमारे अन्दर के सभी विकार खत्म हो जाते हैं । या फिर जब हम कभी उस मुसीबत से गुजरे हैं तो हमारे मन में दया का भाव आ जाता है । किसी को अच्छी नौकरी मिलती है तो हमे दिल से खुशी होती है ।
और किसी को दुख होता हम भी दुखी हो जाते हैं, ऐ सब "सहानुभूति "के कारण हमारे अन्दर आ जाते हैं । "सहानुभूति " का मतलब आज के समय में बिल्कुल विपरीत हो गया है । इसमें कुछ गलती हमारी है भी। कुछ नहीं भी अगर सडक पर कोई दुर्घटना होती है । हमारे अन्दर एकदम "सहानुभूति " उत्पन्न हो जाती, लेकिन "सहानुभूति " आने और मदद करने में बहुत फर्क है। "सहानुभूति " दिल में है भी तो हमे अपने कानून से पीछे हटना पडता है, क्योकि सडक पर कोई दुर्घटना होती है । उसकी हम मदद करे तो उल्टा हम ही फँस जाते । कही रेप होता है । कही जगह मदद करने वाला ही फँस जाता जिससे "सहानुभूति " खुद ही खत्म हो जाती ।
लेकिन हम मनुष्य है । हमे सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं सोचना चाहिए बल्कि सभी जीव जन्तुओ  पर  दया करनी चाहिए। साथ में इसका व्याख्यान भी नहीं करना चाहिए, अगर हम ऐसा करते है, तो हमारे अन्दर अहं ( घमंड) की भावना आ जाती है जिससे अपना ही विनाश होता है ।।
= ममता जोशी,  प्रताप नगर , टिहरी-गढवाल उतराखण्ड

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