लड़की = निधि शर्मा

लड़की = निधि शर्मा

लड़की है लकड़ी नहीं, 
दर्द होता है पर दिखाते नहीं, 
सहम जाते हैं पर कमजोर नहीं, 
हाथ में चूड़ियां है बेड़िया नहीं, 
कान में बालियां है और अपने हुनर की तालियां भी, 
घबराहट में मुस्कुराहट लाने का हुनर है, 
आंखें सिर्फ काजल या आंसुओं के लिए ही नहीं गुस्सा दिखाने के लिए भी है.
नाजुक है लेकिन समय पर चलानी आती चाबुक है, 
आवाज मधुर है तभी तो गायकी का हुनर है, 
 विद्या के लिए सरस्वती है तो धन के लिए लक्ष्मी भी  है.
 महिषासुर के लिए दुर्गा है तो रसोई के लिए अन्नपूर्णा भी है...
 दुष्ट प्राणियों के लिए काली है तो सृष्टि की रक्षा के लिए वैष्णो देवी भी है.
= निधि शर्मा,सीकर, राजस्थान

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