सुन लो भोले दिल की पुकार = सुमन अग्रवाल 

सुन लो भोले दिल की पुकार = सुमन अग्रवाल

आये सावन के सोमवार,
भोले की महिमा अपरंपार।
भक्तों की नैया मझधार,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

शिव के गले सोवे सर्प की माला,
भोले के तन पे सोहे मृगछाला।
शिव आये भक्तों के घर-द्वार, 
सुन लो भोले दिल की पुकार।

शिवशंकर भोले की महिमा न्यारी, 
श्रावण सोमवार व्रत रखते नर-नारी।
कैलाशपति नैया लगाओ सबकी पार,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

हाथ कमंडल दूजे त्रिशूल साजे,
डम-डम-डम-डम डमरू बाजे।
अंग विभूति ही उनका श्रृंगार , 
सुन लो भोले दिल की पुकार।

घोंट - घोंट कर भाँग पिलाई,
घर-घर मंदिर में गावे बधाई।
महादेव की होवे जय-जयकार, 
सुन लो भोले दिल की पुकार।

भाल चन्द्रमाँ लटों गंगा की धारा,
त्रिनेत्रधारी भक्तों को देते सहारा।
मेरा सुखी रहे पूरा परिवार,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

आक, धतूरा, पुष्प, दीप जलाऊँ,
फल-मिष्ठान का भोग लगाऊँ।
अपने भक्तों का करते बेड़ा पार ,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

शिव-पार्वती जी की जोड़ी प्यारी,
गणेश-कार्तिकेय की महिमा न्यारी।
भोले भक्तों पर करो उपकार,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

अंतर्मन से अंधकार मिटाए,
दुर्विचार मेरे मन में न आए।
मन में आये सदा नेक विचार, 
सुन लो भोले दिल की पुकार।

जो शिवजी की शरण में आवे,
दुख-दर्द कभी पास न आवे।
अपने भक्तों का करते उद्धार,
सुन लो भोले दिल की पुकार।

= सुमन अग्रवाल "सागरिका" आगरा
 

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