कान्हा मेरे नयनों की प्यास बुझा - कलिका प्रसाद 

pic

भादों मास की अष्टमी को,
कन्हैया ने  अवतार  लिया, 
नंद   यशोदा  के  घर   में,
आनन्द और उत्सव हुआ।

द्वापर युग में जन्म लिया,
विष्णु के आठवें अवतार, 
गीता  का सन्देश   देकर, 
जीवन जीने का मंत्र दिया।

पुत्र   मैया   देवकी   का,
बना    सबका   तारणहार,
मेरे    प्यारे   मनमोहना,
चैन चुराए तेरी  मुस्कान।

कन्हैया तेरी मन मोहक सूरत,
सबके मन को लुभा जाती है,
कान्हा    तेरी   बांसुरी   से,
सबकी सुधबुध खो जाती है।

तेरे  दर्शनों  को ब्याकुल हूँ,
मेरे नयनों की प्यास बुझा दे,
हे कन्हैया दर्शन देकर तुम,
इस जीवन को सफल बना ले।
- कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार,रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)
 

Share this story