कविता - डा.अंजु लता सिंह

pic

मेहंदी रचे हाथ
तुम्हारा साथ
मन को भाए
कंपित गात

सजना सजीले
रसिक रंगीले
थिरकती खुशी
कुछ पल जी ले

सूट में भटके
टाई में अटके
दुल्हन के हाथ
दो नैना मटके

पुष्पित सौगात
महके जज्बात 
प्रिय से मिलन
बन गई बात.
- डा.अंजु लता सिंह, नई दिल्ली
 

Share this story