कविता - जसवीर सिंह हलधर 

pic

गाँधी जी काम अधूरा , हमने कर दिखलाया पूरा !
याद हमें मत और दिलाओ ,एक पक्षीय उन्मादों की !

भारत के बटबारे को हम , आज अभी तक समझ न पाये !
एक तरफ नेहरू के वंशज , दूजे में जिन्ना के  साये !
पच्चीस लाख नदारत हिन्दू ,खोलो मत गठरी यादों की !
याद हमें मत और  दिलाओ, एक पक्षीय उन्मादों की ।।1

दूजा पक्ष देख लो भैया , शासन बावन साल किया है !
नेता मालामाल हुए हैं  , भारत को कंगाल किया है !
सिसक-सिसक कर मरी गाँव में,कविता मेरी फरियादों की !
याद हमें मत और दिलाओ ,एक पक्षीय उन्मादों की !!2

जनता शासन जब भी आया ,पहले भी ये रूप दिखाया !
भारत की भोली जनता को , प्रलोभन दे दे बहकाया !
सत्ता रास न आती इनको  ,गाँव गली की औलादों की !
याद हमें मत और दिलाओ एक पक्षीय उन्मादों की ।।3,

 
संसोधन सौ बार किए हैं , फिर ये कैसी है लाचारी !
संविधान खतरे में है या , खतरे में हैं भ्रष्टाचारी !
ढौंगी नेता जेल जा रहे , अब "हलधर" बारी प्यादों की !
याद हमें मत और दिलाओ , एक पक्षीय उन्मादों की !!4
 - जसवीर सिंह हलधर , देहरादून
 

Share this story