माँ = कालिका प्रसाद

pic

माँ लक्ष्मी है
दौलत है,
विद्या की देवी
सरस्वती है,
मित्र भी है,
खोल देते है,
हम अपनी मन
की परतें,
माँ कुवेर का 
खजाना है,
माँ ने,
कभी खाली हाथ
नहीं लौटाया,
कुछ न
मिला तो,
अपनी
स्नेहिल स्पर्श,
से भर देती
हमारी झोली।
= कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड

Share this story