मां शारदे ऐसा वरदान दो - कलिका प्रसाद 

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सुखमय जीवन हो सदा,
धवल अमल तन मन करो,
शुचिता मन के साथ हो,
मां शारदे ऐसा वरदान दो।

रिद्धि सिद्धि मिलती रहे,
अवगुण सारे दूर हो मां,
तम का करो विनाश मां,
मां शारदे ऐसा वरदान दो।

कर्म विमूढ यदि हो गया,
तुम ही पथ दिखाना मां,
वाणी का विकार हर दो,
मां शारदे ऐसा वरदान दो।

स्वच्छ मन से सब से जुड़ो,
शब्द पुष्पों से करूँ आराधना,
धैर्य सम्बल से सुवासित भक्ति दो,
मां शारदे ऐसा वरदान दो।

सादगी अस्तित्व की पहचान हो,
शूल में भी फूल सी मुस्कान हो,
वन्दना मेरी प्रथम बस कर्म हो,
मां शारदे ऐसा वरदान दो।
- कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार,रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)
 

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