मां तुम ही दैत्य हो संहारिणी - कालिका प्रसाद सेमवाल

pic

मां जगत जननी भगवती का,
सप्तम रुप कालरात्रि दैत्य संहारिणी,
जयति जय मां काली दिव्य रुपेणी,
कोटि-कोटि प्रणाम मां काली।

मां काली दुष्टों का तुम नाश करती,
भक्तों मां कष्ट ,क्लेश , दुख हरती, 
कामनाओं को मां तुम पूरी करती, 
विचारों में मां तुम पवित्रता देती।

मां वाणी में तुम मधुरता दो,
सुरभित हो ये सारा जहाँ,
विचलित मन को स्थिरता दो,
दूर करो जन-जन की दुविधाओ को।

हे मां काली असुर संहारिणी,
ज्ञान अमृत मां हम सब को पिला दो,
हम चले नेह की राह पर,
इस दुर्बल काया में शक्ति दो।

मां आस्थाओं का दीपक जलाये रखना,
धर्म- कर्म में अभिरुचि बनाये रखना,
विचलित न हो कभी भक्ति से मन,
मां काली हमको तुम तार देना।
- कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार, रुद्रप्रयाग उतराखंड
 

Share this story