फूलदेई = ममता जोशी 

फूलदेई = ममता जोशी

उठ दीदी उठ भुली फुलु कु जौला, 
सबुकी देलि फुलुन सजौला ।
रात कु बासी फुल हमु नी डालुला,
सुबेर उठीक पैली हमु फुलु लेऊला । 
उठ दीदी उठ भुली फुलु कु जौला,
सबु की देलि फुलुन सजौला।।

सबुका डेरा मा जब हम फुल डालुला, 
प्रकृति कु प्यारु रैबार सबु तैं बतौला ।
जाड़ौं कु दिन जैगी, 
ॠतुराज बसंत भी बौडिक ऐगी ।
उठ दीदी उठ भुली फुलुक जौला,
सबुकी देलि फुलुन सजौला।।

खुशियोंकु मौल हमु बणौला, 
सुबेर उठीक जब हमु गीत लगौला,।
फ्योंली , बुराँसु कु फुल बिरौला, 
दीदी, भुली जब फुलु कु जौला।
उठ दीदी उठ भुली फुलुक जौला,
सबुकी देलि फुलुन सजौला।।

अपडी संस्कृति तै हमु बचौला, 
बीस गते फुल कलेवु बणौला ।
खुशी- खुशी प्रकृति कु फैदा उठौला, 
फिर हमु फुलदेई मनौला ।
उठ दीदी उठ भुली फुलुक जौला,
सबुकी देलि फुलुन सजौला।।
= ममता जोशी "स्नेहा"
टिहरी गढवाल, उत्तराखंड
 

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