प्रवीण प्रभाती - कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

pic

<>
ज्ञान बुद्धि प्रयोग करके कर्म सब सार्थक करें।
सत्य पथ पर चल सदा धन-धान्य से निज घर भरें।
जब विपद आये कभी हनुमान जी की लें शरण,
वीर बजरंगी सभी के कष्ट-संकट हर हरें।
<>
बदल रही है सकल व्यवस्था, दें सम्मान न आलय को।
इंटरनेट पर सब कुछ सीखें, भूल रहे विद्यालय को।
त्याग सभी संस्कार आजकल, युवजन राह भटकते हैं।
मंदिर, पूजन करके विस्मृत, खोज रहे मदिरालय को।
<>
बीमारों की सेवा पावन, समझें यह व्यापार नहीं।
युगों-से जो चलता आया, बदलें वो व्यवहार नहीं।
निःसमर्थ जन को मत लूटें, मुफ्त चिकित्सा उनको दें।
जो पैसे को पूजें उनको, श्रद्धा का अधिकार नहीं।
- कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा/उन्नाव

Share this story