प्रवीण प्रभाती - कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

pic

<>
नाम भजता रहा मन सदा राम का।
सुख मिला नाम जब भी जपा राम का।
बीतता दिन सुमिर राम ही राम नित,
मन थका ही नहीं सँग मिला राम का।
राम का अनुकरण दे सदा शुभ्र फल,
नित जलाते रहें  हिय दिया राम का।।
<>
ध्यान से हम ध्यान कर के स्वास्थ्य की रक्षा करें।
नित सुबह एकांत में ले भानु से ऊर्जा भरें।
योग प्राणायाम कसरत कुंजियाँ हैं स्वास्थ्य की।
साधना एकाग्रता हर कष्ट तन-मन के हरें।।
<>
शिक्षक की उँगली पकड़ , अर्जित करते ज्ञान।
करें प्रगति सब छात्र जब, गुरु का बढ़ता मान।।
उचित नहीं है एक दिन, बस दें सब सम्मान।
प्रतिदिन प्रतिपल हो नमन, चले नवल अभियान।।
हों कृतज्ञ दिल से सभी, पूछें उनका हाल।
शिक्षकगण आशीष दे, कर दें मालामाल।।
- कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा/उन्नाव

Share this story