प्रवीण प्रभाती = कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

pic

<>
रवि की किरणें दे रहीं, हमको नव संदेश।
नाश तिमिर का हो अगर, बदलेगा परिवेश।।
नवप्रकाश भर दे सदा, आस और विश्वास।
आलोकित तन-मन करे, फैले नवल उजास।।
<>
शिव शंभू  जी की कृपा, लाया है यह वार।
दुर्गुण शंकर दें मिटा, निर्भय हो संसार।।
रोग दोष सब नष्ट हों, तांडव करें प्रचंड।
मेरुदंड पर वार हो, टूटे सकल घमंड।।
= कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा/उन्नाव

Share this story