जिम्मेदारी = ज्योत्स्ना रतूड़ी

जिम्मेदारी = ज्योत्स्ना रतूड़ी

निभानी है सबको अपने हिस्से की जिम्मेदारी,
नहीं निभानी आधी अधूरी निभानी है सारी की सारी। 
बनना है एक आदर्श नागरिक हम सबको ,
लाना है अमन चैन देश में अब है हमारी बारी।
जिम्मेदारी है कर्तव्य बोध से जुड़ा शब्द ये,
 है एक छोटा लेकिन गहन अर्थ लिए हुये। 
हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाना है फर्ज हमारा,
नहीं जी पाएंगे अपने देश के लिए बिना कुछ किये।
 निभाओ जिम्मेदारी देश हो या परिवार की,
 ख़ुशी छुपी है इसमें सभी हमारे आत्मीय जनों की। 
 रख कर एक दूजे की भावनाओं का ख्याल,
 निभानी है  हमको जिम्मेदारी अपने हिस्से की।
  = ज्योत्स्ना रतूड़ी *ज्योति*, उत्तरकाशी , उत्तराखंड

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