सावन आया झूम के - स्वर्ण लता 

pic

गीत प्रीत के गाने दो।
मन भावों के तार छेड़ के,
वीणा मधुर बजाने दो।।

कारे-कारे बदरा छाए,
बिजुरी भी चमकाने दो।
रिमझिम-रिमझिम बूंदें बरसें,
रागिनी मधुर सुनाने दो।।

हियरा में कछु हुक उठी है,
पीड़ा को सरसाने दो।
छमछम-छमछम नैना बरसें,
मन की अगन बुझाने दो।।

प्रीतम तो परदेस गए हैं,
उनको आज बुलाने दो।
जाओ-जाओ बदरा कारे,
मम संदेश सुनाने दो।।

प्रीतम जब लौटेंगे घर पे,
घनी बदरिया छाने दो।
कभी नहीं फिर जाने पाएं।
गरज-गरज बरसाने दो।
- स्वर्णलता सोन, दिल्ली
 

Share this story