अपमान का घूंट (लघुकथा) = ममता जोशी 

अपमान का घूंट (लघुकथा) = ममता जोशी

रमेश नाम का एक लडका अपनी माँ-बाप की इकलौती संतान थी । माँ-बाप ने मजदूरी करके रमेश को बहुत पढाया ताकि वह उनकी तरह मजदूरी ना करे । रमेश की पढाई में उन्होंने कोई कमी नहीं छोडी यहाँ तक कि कभी -कभी दोनो भूखे सो जाते थे । बेटे को एहसास भी होने नहीं देते थे , कि वो भूखे हैं। वे तीनों बडे खुशी-खुशी रहते थे ।रमेश मन लगा कर पढता था उसके माँ-बाप मन लगा कर मजदूरी करते थे ।धीरे-धीरे समय बीतने लगा रमेश की पढाई भी पूरी हो गयी और रमेश को एक अच्छी नौकरी मिल गयी ।
माँ-बाप बहुत खुश थे कि उनकी मेहनत रंग लाई  सब कुछ बडे प्यार से चल रहा था अब माँ-बाप का एक सपना था कि एक सुन्दर लडकी रमेश की जिंदगी में आये । कुछ दिन बाद रमेश की शादी हो जाती है सब लोग बडे प्यार से और बहुत खुश थे । कुछ साल बहुत अच्छे से कटे लेकिन धीरे-धीरे घर मे कडवाहट आने लगी ।
रमेश की वीवी मोनिका हर बात पर सास -ससुर  को टोकती रहती थी अब तो रमेश के व्यवहार में भी बदलाव आने लगा । वह भी बात बात पर माँ-बाप को डांटते रहता था माँ-बाप चुपचाप से अपमान सहते रहते थे एक दिन तो हद हो गयी रमेश ने माँ-बाप को कहा कि मेरी बस की बात नहीं कि मै सब का बोझ उठा सकूँ ।
आप कहीं और जाकर रह लो रमेश की बात सुनकर माँ-बाप बिना कुछ कहे अपमान का घूंट पीकर घर से दूर चले गए रमेश और मोनिका बहुत खुश थे जैसे उन्होंने कोई युद्ध जीत लिया हो लेकिन रमेश का बेटा अखिल मन ही मन घुट रहा था । कुछ  दिन बाद अखिल बहुत बीमार हो गया  रमेश और मोनिका बहुत परेशान हो गये उन्होंने बेटे को बचाने के लिए तन ,मन,धन, लगा दिया  और कुछ दिन बाद अखिल ठीक हो कर घर आ गया घर आ कर अखिल बुझा-बुझा रहने लगा एक दिन रमेश ने अखिल से पुछा कि बेटा बात क्या है । तो अखिल ने कहा पापा आप दोनो कितना प्यार करते मुझे रमेश ने कहा बेटा अपनी जान से भी ज्यादा तू हमारा सब कुछ है हमारी असली दौलत है ।
अखिल ने कहा पापा इतना प्यार मत करो कहीं मै भी आपको घर से न निकाल दूँ । तब आपको बहुत दुःख होगा ।
रमेश बात समझ गया बेटा क्या कहना चाहता है रमेश को अपनी गलती का एहसास हो गया बेटा से माफी मांगी और माँ-बाप को फिर से अपने घर वापस ले कर आये  सभी फिर से खुशी-खुशी रहने लगे ।
माँ-बाप कभी गलत नहीं होते खास कर अपने बच्चो के लिए वे बच्चो पे अपना सब कुछ न्यौछावर कर देते लेकिन बच्चे उन्हें ही बोझ समझते है ।
= ममता जोशी,सुजडगांव,  प्रताप नगर , टिहरी गढ़वाल, उतराखण्ड

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