यह दौर गुजर जाएगा = शिप्रा सैनी

यह दौर गुजर जाएगा = शिप्रा सैनी

आँधियां चल रहीं है बहुत तेज,
उड़ा ले जा रही हैं सुकून जहान का ।
पकड़ के रखना है मज़बूत शाख को,
और इंतज़ार करना है आँधियों के थमने का।
बस इंतज़ार करना है उस पल का,
जो इस क्रूर वक्त के बाद आएगा।
जब सब कुछ बेहतर हो जाएगा।
मालूम है कि तुम्हें जाना था कहीं,
लेकिन इस जल्दी में शाख ना छूटे।
नहीं तो उड़ जाओगे आँधियों के साथ,
पता नहीं किस ओर।
फिर,
क्या मंज़िल और क्या मक़सद ,
कुछ नहीं मायने रखेगा।
इसलिए पकड़ कर रखो मज़बूत शाख को।
वो शाख है सावधानी और विश्वास की।
कि सब कुछ ठीक ही होगा,
यह दौर गुजर ही जाएगा।
= शिप्रा सैनी (मौर्या) ,जमशेदपुर

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