विश्व पृथ्वी दिवस = अनुराधा सिंह 

विश्व पृथ्वी दिवस = अनुराधा सिंह

धरा मातृस्वरूप बन,

अमृतपान कराती है,

कण-कण में ब‌से जीवों पर,

वात्सल्य लुटाती है,

मनुज वृतियां कल्मषता के,

जब विष वृक्ष उगाती है,

धरा धाम पर संकट की,

बदली घिर जाती है,

स्वार्थ अभिमान को त्याग,

अब लें हम प्रण.....

न जुल्म करेंगे जीवों पर,

न आरियां चलेंगी वृक्षों पर,

मर्यादित जीवन अपनाएंगे,

पृथ्वी स्वच्छ बनाएंगे,

इस प्रण के साथ

पृथ्वी दिवस मनाएंगे।

 = अनुराधा सिंह" अनु'', राँची, झारखण्ड

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