"एक मुलाकात " प्रोग्राम के कल के मेहमान थे, युवा गायक कलाकार "श्री अंकित कौल "

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utkarshexpress.com देहरादून।  देहरादून की सुप्रसिद्ध साहित्यकार,कवयित्री और गायिका श्रीमती झरना माथुर जी के द्वारा अपने पेज "कुछ पँक्तियाँ " के तहत "एक मुलाकात " प्रोग्राम के कल के मेहमान थे,फरीदाबाद के जाने- माने गायक युवा कलाकार "श्री अंकित कौल जी"।आपने  "एक मुलाकात "प्रोग्राम मे कई गजलों को गाया। मेहंदी हसन साहब की गज़ल " मेरे काँधे पे सर रख के" बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति रही। आपके द्वारा गायी सभी गजलों मे आपके गले की बिशेष तैयारी  दिखी जो आपकी साधना को दर्शाती है। आपने बचपन से ही संगीत सीखना प्रारंभ किया और आज तक सीख रहे है। जहा आप आजकल का संगीत भी गा रहे वही शास्त्रीय संगीत को भी सीख रहे है। आपके जीवन मे आपके गुरु का बहुत महत्त्व है।
           आपने आजकल की पीढ़ी को सन्देश दिया चाहे कोई भी संगीत गाये परंतु शास्त्रीय संगीत सीखना बहुत आवश्यक है।शास्त्रीय संगीत ही अन्य संगीत की आत्मा है। मै आपके उज्जवल भविष्य की कामना करती हूँ। आपने नयी पीढ़ी के लीए मिसाल कायम की है। आप अपने विचारो से नई पीढ़ी को भी अवगत कराये जिससे उन लोगों का भी मार्गदर्शन हो सके।

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