उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों की विदेशों में मांग बढ़ी

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Utkarshexpress.com लखनऊ. उत्तर प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई योजनाओं का असर अब दिखने लगा है। कोरोना संकट के दौरान जब दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, उस समय भी सूबे में फुटवियर, लेदर, टेक्सटाइल और ग्लासवेयर कारोबारियों के बनाए उत्पादों की विदेशों में खूब मांग हो रही थी। जिसका लाभ उठाते हुए सूबे के लेदर, टेक्सटाइल, ग्लासवेयर, आयरन, स्टील, एल्युमिनियम, खिलौने और कालीन कारोबारियों ने अपने उत्पादों को विदेशों में भेजकर निर्यात का ग्राफ ऊपर उठाया हैं। निर्यात को बढ़ावा देने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले प्रोत्साहन के चलते ऐसे निर्यातकों के कारण ही इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल एवं मई में राज्य से 21,500.85 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। जो पिछले वर्ष के मुकाबले 152.67 फीसदी अधिक है।

निर्यात में हुए इस इजाफे के सिलसिले को बरकरार रखने तथा यूपी से देश और विदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अब प्रदेश सरकार ने हर जिले में ओवरसीज ट्रेड प्रमोशन और फैसिलिटेशन सेंटर बनाने का फैसला किया हैं। सभी जिलों में बनने वाले इन केंद्रों में समन्वय के लिए एक सेंट्रलाइज्ड फैसिलिटेशन सेंटर भी बनाए जाने की योजना एमएसएमई विभाग ने तैयार की है।
 

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