निज स्वार्थ छोडकर समाजसेवा मे तल्लीन है रश्मि शाक्या

निज स्वार्थ छोडकर समाजसेवा मे तल्लीन है रश्मि शाक्या

utkarshexpress.com देवबन्द (उत्तर प्रदेश) गौरव विवेक। आज भी समाज में ऐसे लोग है जो कोरोना जैसी भयावह महामारी में स्वयं की एवं अपने परिवार की चिंता किये बगैर कोरोना मरीज़ों तक किसी न किसी माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे है। जिनमे एक नाम रश्मि शाक्या का है। जो दिन-रात अपना अधिकतर समय कोरोना मरीज़ो की देख भाल में गुज़ार रही है। साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की संरक्षिका व वरिष्ठ सहित्यकार रश्मि शाक्या न केवल उच्च कोटि की गीतकार हैं, बल्कि उतनी ही अच्छी समाजसेविका भी है। कोविड काल के लगभग आरम्भ से ही उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए लम्बा समय कोविड मरीज़ो की देखभाल में बिताया है। लॉक डाउन के लंबे पीरियड में घर-घर जाकर राहत सामग्री भी वितरित की है।

आज रश्मि शाक्या कोरोना की दूसरी महा-भयंकर लहर में भी लगातार सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमो से कोविड पेशेन्टस की सहायता में लगी है।  इसके लिये इन्हें किसी मैडल की चाह नही है, समाजसेवा का एक जज्बा है जो इनके अन्तःकरण में समाया हुआ है। वो निज स्वार्थ छोडकर समाजसेवा में तल्लीन रहती है।

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