मुख्यमंत्री ने पुरोहित समुदाय को आश्वासन दिया, उनका अहित नहीं होगा

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Utkarshexpress.com देहरादून। उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड एक्ट को रद्द करते हुए बोर्ड को भंग किए जाने की मांग बड़ा मुद्दा बन चुकी है तो दूसरी तरफ, बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर भी विरोध के सुर भड़क चुके हैं।इसी सिलसिले में मंगलवार को देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में दोनों धामों का पुरोहित समुदाय एकजुट होकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने पहुंचा। पुरोहित समुदाय को आश्वासन देते हुए धामी ने कहा कि किसी के हित के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा।
कंडारी और रावत की अगुवाई में केदारनाथ व बद्रीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम धामी से भेंट की और अपनी मांगों के बारे में बताया। इस पर सीएम धामी ने तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज को आश्वासन दिया कि देवस्थानम बोर्ड से उनका अहित नहीं होगा। ‘बद्रीनाथ मास्टर प्लान को अमल में लाने से पहले सभी संबंधितों की बात सुनी जाएगी और सभी के हितों का खयाल रखा जाएगा। सीएम धामी ने तीर्थ पुरोहितों, हकूकधारियों और पंडा समुदाय को निश्चिंत रहने का आश्वासन देते हुए कहा, ‘राज्य सरकार संवाद का रास्ता निकालेगी और सभी की शंकाओं का निवारण करेगी।
जहां सुधार की ज़रूरत होगी, वहां सरकार बेशक संशोधन करेगी.’ यह बात धामी ने देवस्थानम बोर्ड से जुड़े विवाद पर कही तो बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर कहा, ‘सभी के हितों को यथासंभव सुरक्षित रखा जाएगा.’ समाचार एजेंसी एएनआई की मानें तो पुरोहित समुदाय भी बातचीत के ज़रिये हल निकालने पर सहमत हुआ। इससे पहले, केदारनाथ धाम के पुरोहितों ने बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। देवभूमि तीर्थ पुरोहित हकूकधारी महापंचायत समिति ने 17 अगस्त से राज्य स्तरीय प्रदर्शन करने की घोषणा भी की थी।गौरतलब है कि बद्रीनाथ मास्टर प्लान के विरोध के सिलसिले में युवा युवा पुरोहित संगठन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीकांत बडोला कह चुके हैं कि सरकार अगर तीर्थ पुरोहितों व हकूकधारियों की निजी संपत्तियों व धार्मिक अधिकारों में दखल देगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.

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