उत्तराखंड में खाली हैं 2500 से अधिक आक्सीजन सपोर्टर बेड 

उत्तराखंड में खाली हैं 2500 से अधिक आक्सीजन सपोर्टर बेड

Utkarshexpress.com देहरादून | प्रदेश में कोविड नियंत्रण की व्यवस्थाओं और संक्रमण की स्थितियों पर मीडिया सेंटर सचिवालय में मीडिया ब्रीफिंग में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज पांडे ने कहा कि कोविड की रोकथाम के लिए प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं हैं। किसी भी तरह से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह जरूरी है कि संक्रमण को रोकने के लिए कोविड गाइड लाइन का अनुपालन अक्षरशः किया जाए। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटों में 2160 मरीज प्रदेश में कोविड के पाजिटिव पाए गए हैं। इसी के साथ ही प्रदेश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 18864 हो गई है। 13500 के लगभग मरीज होम आइसोलेशन में हैं ओर करीब 5000 मरीज विभिन्न अस्पतालोें में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सुविधाओं पर उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 7000 से अधिक आइसोलेशन बेड खाली हैं। इसके अलावा 2500 से अधिक आक्सीजन सपोर्टर बेड, 363 आईसीयू बेड तथा 463 वैंटिलेटर प्रदेश में खाली हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7 जनपदों में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसमें देहरादून में सबसे अधिक 44, नैनीताल में 26, पौड़ी में 3 उत्तरकाशी में 3 तथा उधम सिंह नगर में 1 कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
वैक्सीनेशन को लेकर उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 1 लाख 88 हजार 900 हैल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया जा चुका है, जिसमें 1.79 लाख फ्रंट लाइन वर्कर्स शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 15 लाख 95 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। अभी 3 लाख के करीब वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध है।  उन्होंने बताया कि आक्सीजन की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। प्रदेश में जो तीन आक्सीजन मैनिफैक्चरिंग प्लांट हैं उनमें पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। मात्र 6 माह की समयावधि मे यहां 8 आक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए गए हैं। आक्सीजन सिलेंडरों की भी कोई कमी नहीं है। रेमडेसिविर इंजेक्शन पर उन्होंने बताया कि पूरे देश में इसकी कमी जरूर है। लेकिन प्रदेश में जल्द ही इंजेक्शन की आपूर्ति हो जायेगी। इस चिंता वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि उपचार के इंतजाम समुचित हैं लेकिन संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोविड की गाइडलाइन का पालन करना बहुत जरूरी है।

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