बरसात के बाद ऐतिहात बरतने का मौसम

uk

Utkarshexpress.com देहरादून। बरसात के बाद का महीना बेशक जलभराव से निजात दिलाने वाला महीना होता है लेकिन पानी के उतरने के साथ साथ वातावरण में बीमारी उभर कर सामने आ जाती है। इसलिए इसको ऐतिहात बरतने का अवसर कहा जाये तो गलत नहीं होगा। क्योंकि इस दौरान जरा सी लापरवाही तमाम तरह की बीमारी का वायस बन जाया करती है। 
हर तरह की बीमारी बरसात के थमते ही निकल कर आ जाती है मानो वह बारिश के रूकने का इंतजार कर रही थीं। खासकर मच्छरों के द्वारा होने वाली करीब आध दर्जन बीमारी तो बड़ी खतरनाक है। जो इन दिनों अक्सर होती ही है। मसलन मलेरिया और डेंगू इत्यादि। हालांकि यह सभी रोग आसानी से काबू किए जा सकते है लेकिन यदि लापरवाही बरती गई तो यह जानलेवा भी साबित हो जाते है। 
इसीलिए कहा जाता है कि बरसात के बाद का महीना ऐतिहात बरतने का मौसम होता है। क्योंकि ऐसा नहीं किया गया तो नाना प्रकार के रोग शरीर को जकड़ कर जीने का पूरा मजा खराब कर देंगे। इसलिए कहा जाता है कि बचाव ही हर प्रकार की बीमारी का सही इलाज है। ऐसा करने में कामयाब रहे तो बिना अस्पताल गए और गोली खाए हम ढेर सारी बचत कर सकते है। और इससे हमारे शरीर की इम्यूनो सिस्टम भी दुरूस्त बना रहेगा। 
जैसे बरसात के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिये कि कहीं पर पानी इकट्ठा न होने पाये। क्योंकि वहीं पर मच्छरों के लार्वा पनपते है। जो बाद में मच्छर बनकर हमारे लिए मुसीबत का सबब बन सकते है। इसी तरह पेयजल की शु(ता का ख्याल रखा जाना बेहद जरूरी है। वरना टाईपफाइड और पीलिया जैसे कमरतोड़  बीमारी इंतजार कर रहें है। इन दिनों लापरवाही के एक एक पल जीवन के लिए घातक साबित हो सकते है। 
इसलिए सेहत की सलामती के वास्ते लापरवाही की गुंजाईश बिलकुल नही है। बल्कि जागरूकता और ऐतिहात बरतकर हम अपनी सेहत को बरकरार रख सकते है। और निश्चित तौर पर कोई भी व्यक्ति बीमार होकर अस्पताल जाने और डाक्टरों की सलाह लेने की नौबत से बचना चाहेगा।

Share this story