तालिबान के पंजशीर पर कब्जे का दावा निकला झूठा: सालेह 

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Utkarshexpress.com काबुल। तालिबान ने पंजशीर पर कब्जे और अमरुल्ला सालेह के अफगानिस्तान से भागने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि पंजशीर पर कब्जे के बाद काबुल में फायरिंग कर जश्न मनाया गया है तो वहीं पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने पंजशीर छोड़ने की खबरों से इनकार किया है।अमरुल्लाह सालेह ने कहा कि मैंने पंजशीर नहीं छोड़ा है, मैं पंजशीर छोड़ कर भाग नहीं रहा हूं। अमरुल्ला सालेह ने उनके अफगानिस्तान से भागने की खबरों को “बिल्कुल निराधार” बताया। उन्होंने कहा कि वह पंजशीर घाटी में अपने अड्डे से बोल रहे थे और अपने कमांडरों और राजनीतिक नेताओं के साथ थे।उन्होंने कहा, “हम स्थिति का प्रबंधन कर रहे हैं। बेशक, यह एक कठिन स्थिति है। हमने तालिबान, पाकिस्तान, अल-कायदा और अन्य आतंकवादी समूहों द्वारा अफगानिस्तान पर आक्रमण देखा है।”सालेह ने आगे कहा कि “प्रतिरोध बलों” ने अपनी जमीन पर पकड़ बनाई हुई है और पंजशीर में कोई क्षेत्र नहीं खोया है। उन्होंने कहा, “पिछले 4-5 दिनों में तालिबान ने घाटी में अपना आक्रमण शुरू किया है, लेकिन अब तक कोई खास फायदा नहीं हुआ है।”
‘कार्यवाहक’ राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना तालिबान के साथ मिलीभगत है और अफगानिस्तान पर आक्रमण में उसकी सहायता कर रही है।इससे पहले दिन में, तालिबान ने दावा किया था कि सालेह प्रतिरोध बल के कमांडरों के साथ संकटग्रस्त देश से भाग गया है। समूह ने कहा कि वे दो विमानों से पंजशीर से ताजिकिस्तान भाग गए। TASS ने अफगानिस्तान के राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा के एक प्रतिनिधि का हवाला देते हुए बताया कि तालिबान, जिसने अफगान प्रतिरोध बल के साथ गतिरोध के दौरान भारी नुकसान पहुंचा है, उसने पंजशीर प्रांत पर हमला करने के लिए इस्लामिक चरमपंथी अल-कायदा के साथ हाथ मिलाया है। अल अरबिया टीवी चैनल ने प्रतिनिधि का हवाला देते हुए कहा, “अल-कायदा आतंकवादी इकाइयां पंजशीर पर हमला करने में तालिबान में शामिल हो रही हैं।”

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