गणपति वंदना - कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

pic

हे गजानन नमन करते, आपको कर जोड़ कर।
भक्ति में हों लीन हम सब, अहं सारे छोड़ कर।।

आपकी आराधना पूजा, सभी दिल से करें।
भक्ति के अनुपम अनूठे, भाव दिल में हम भरें।
माल्य अर्पण कर रहे हम, पुष्प लड़ियाँ जोड़ कर।
हे गजानन नमन करते, आपको कर जोड़ कर।1

जुड़ रहे कंधे अनेकों, भेद कोई है नहीं।
मात्र दर्शन की ललक है, दृष्टि स्थिर है वहीं।
आपके द्वारे उमड़ते, सर्व बंधन तोड़ कर।
हे गजानन नमन करते, आपको कर जोड़ कर।2

एकता की एक आँधी, हर कहीं पर चल रही।
हो रही बप्पा की' जय-जय, सुर मधुर सबसे यही।
आप समरसता बिखेरें, भाव धारा मोड़ कर।
हे गजानन नमन करते, आपको कर जोड़ कर।3

भोग में लड्डू चढ़ाते, नारियल भी फोड़ कर।
हे गजानन नमन करते, आपको कर जोड़ कर।।
- कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश 
 

Share this story