2047 में अपना देश भारत ऐसा होना चाहिए - रोहित आनंद

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utkarshexpress.com पूर्णिया (बिहार) - जैसा कि हम सभी इस बात से अच्छी तरह से अवगत हैं कि हमारे देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। उसी दिन से हम लोग इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं और मनाते रहेंगे। इस दिन राष्ट्रपति भवन, सरकारी कार्यालय, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज और स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। 15 अगस्त 2047 में हमारे देश को आजादी मिले हुए एक सौ वर्ष हो जाएगा। जैसा कि हम लोगो को यह भी ज्ञात है कि हमारा देश इस समय अमृत महोत्सव मना रहा है। जो कि हम सबों के लिए एक गर्व और एक नई जागृति की बात है। हमारा देश एक विशाल लोकतांत्रिक, प्रजातांत्रिक संप्रभुतव की पहचान को बनाए रखते हुए सदैव आगे बढ़ते जाना है। हमारी एक मजबूत कड़ी अनेकता में एकता हमारे देश की जो विशेषता है। उसकी समरूपता को साकार करते हुए हमें निरंतर आकर्षित होते रहना है। हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति की जो पराकाष्ठा है, उसकी अलग पहचान को विश्व पटल पर पूर्ण रूप से स्थापित कर छा जाना है तथा सभी के दिलों और दिमागों पर राज करना है। राम, कृष्ण, ऋषि मुनि, गौतम बुद्ध, महावीर, संत कबीर, विवेकानंद आदि अनेक महापुरुषों कि इस पुण्य भूमि के सच्चे दूध के रूप में हमें दुनिया को यह बताना है की सच्ची मानवता की पहचान बनाए रखो। यही वह देश है जहां से सारे ज्ञान की किरणे  दुनिया में फैली और विश्व गुरु के रूप में अपनी पहचान बनाई। जीवन के हर क्षेत्र में, हर पहलुओं में चाहे ज्ञान हो या विज्ञान। आर्यभट्ट हो या ब्रह्मगुप्ता। जिन्होंने गिनती सिखाया। ब्रह्मांड के रहस्य को बताया। जगदीश चंद्र वसु की देश से ही आज की मॉडर्न कम्युनिकेशन की टेक्नोलॉजी बनी है। सुक्षुता और चरखा ने ही मेडिकल साइंस दी है। तो क्यों नहीं हम आज विश्व गुरु बनें। मैं तो यही कहता हूं की हे मेरे देशवासियों अपनी इस विरासत की लहराती हुई ध्वजा को वर्ष 2047 में दुनिया के रंगमंच पर फहरा कर अपना देदीप्यमान कायम कर देना है। और अपनी गरिमा बनाए रखना है। बस मेरी यही तमन्ना है कि मैं 2047 में सोने की चिड़िया बनाने वाली, स्वच्छ, खुशहाल, सहिष्णु, टेक्नोलॉजी से भरपूर, विज्ञान से भरपूर एवं रामराज्य की कल्पना को साकार कर सच्चा प्रतिरूप देते हुए गौरवमयी रूप, अथुणण, अखंड, प्रभुत्वशाली एवं सर्वशक्तिमान भारत देखना चाहता हूं। मैं यह आत्मविश्वास से कहता हूं कि हम सबो की सच्ची लगन, सच्ची प्रतिभा, सच्ची कर्म निश्चय , बलवती इच्छा, कड़ी मेहनत, पक्का इरादा से वर्ष 2047 में सितारों की तरह चमकते हुए देदीप्यमान भारत को देखना चाहता हूं। और इसे देखना ही नहीं बल्कि इसे कायम कर देना है। और ऐसा ही होगा। कौन कहता है की आसमान में छेद नहीं हो सकता बस एक पत्थर दिल से तो उछालों लो यारों।

- रोहित आनंद,  मेंहरपुर , बांका , बिहार  फ़ोन नंबर – 9334720170

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