हिंदी के प्रचार-प्रसार में अखबारों की अहम भूमिका : संगम त्रिपाठी

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utkarshexpress.com,जबलपुर (मध्यप्रदेश) - हिंदी के प्रचार-प्रसार में अखबारों की अहम भूमिका रही है। आजादी के पूर्व हिंदी अखबार " मार्तंड " गैर हिंदी भाषी क्षेत्र पश्चिम बंगाल से 1846 में प्रकाशित प्रथम अखबार है। आजादी के योगदान के साथ-साथ अखबारों ने सामाजिक मूल्यों की लड़ाई लड़ी।
आज हिंदी अखबारों की लंबी श्रृंखला है व सभी अपने क्षेत्र के समुचित विकास हेतु सजग प्रहरी की भांति काम कर रहे है। आजादी के बाद आज वर्तमान परिदृश्य में अखबारों की अहम भूमिका विकास के पैमाने को ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम है किन्तु आज यही अखबार सोशल मीडिया के चरमोत्कर्ष उपयोग से अपने अस्तित्व के लिए स्वयं संघर्ष कर रहे है। अखबार पाठकों की कमी के कारण बहुत ही विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
अखबार देश के चंहुमुखी विकास के साथ राजनैतिक,सामाजिक तानाबाना, संस्कृति, सभ्यता व भाषा की पोषक है। हिंदी प्रचार प्रसार में अखबार अपनी अहम भूमिका निभा रहे है जो कि वंदनीय है।
utkarshexpress.com,जबलपुर (मध्यप्रदेश) - हिंदी के प्रचार-प्रसार में अखबारों की अहम भूमिका रही है। आजादी के पूर्व हिंदी अखबार " मार्तंड " गैर हिंदी भाषी क्षेत्र पश्चिम बंगाल से 1846 में प्रकाशित प्रथम अखबार है। आजादी के योगदान के साथ-साथ अखबारों ने सामाजिक मूल्यों की लड़ाई लड़ी।
आज हिंदी अखबारों की लंबी श्रृंखला है व सभी अपने क्षेत्र के समुचित विकास हेतु सजग प्रहरी की भांति काम कर रहे है। आजादी के बाद आज वर्तमान परिदृश्य में अखबारों की अहम भूमिका विकास के पैमाने को ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम है किन्तु आज यही अखबार सोशल मीडिया के चरमोत्कर्ष उपयोग से अपने अस्तित्व के लिए स्वयं संघर्ष कर रहे है। अखबार पाठकों की कमी के कारण बहुत ही विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
अखबार देश के चंहुमुखी विकास के साथ राजनैतिक,सामाजिक तानाबाना, संस्कृति, सभ्यता व भाषा की पोषक है। हिंदी प्रचार प्रसार में अखबार अपनी अहम भूमिका निभा रहे है जो कि वंदनीय है।

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