शिव स्तुति – डा किरण मिश्रा

pic

हे! भोले शंकर,
कष्टों को हर,
नन्दी बैल सवारी,
शिव पाप नशावन,
जग में पावन,
दर्शन है गुणकारी,
भंग का प्याला,
मुन्ड की माला,
संग में गौरा प्यारी ।

मन दीप जलाऊँ,
भोग लगाऊँ,
जप तेरा शुभकारी,
ब्याघ्र की छाला,
सर्पन माला
दुष्टन के संहारी।
गंगा को धारे,
पाप निवारे,
बन भोले भन्डारी।

जय बम बम भोले,
गण जो बोले ,
सुमिरन मंगलकारी।
अर्धनारीश्वर,
हे जगदीश्वर ,
हरिहर संकट भारी।
बरसे रुत सावन
अति मनभावन
चौमासा शुभकारी।।
- डा किरण मिश्रा स्वयंसिद्धा , नोएडा, उत्तर प्रदेश
 

Share this story