डॉ शिवशरण श्रीवास्तव की कृति दहकते अंगारे का हुआ विमोचन 

 
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Utkarshexpress.com बिलासपुर छत्तीसगढ़ -  लोक संचेतना फाउण्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ शिवशरण श्रीवास्तव "अमल" की चतुर्थ कृति "दहकते अंगारे" का विमोचन छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरूण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर बेलतरा विधायक  सुशांत  शुक्ला एवं मस्तूरी विधायक  दिलीप लहरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। 
प्रख्यात कवि, लेखक, वक्ता,विचारक, मोटीवेटर,गायत्री साधक,ज्योतिषी और समाजसेवी "एस्ट्रो अमल "का वास्तविक नाम शिवशरण श्रीवास्तव है "अमल" इनका उपनाम है,जो साहित्यकार मित्रों ने दिया हैl अमल का जन्म म.प्र. के कटनी जिले के ग्राम करेला में हुआ हैl आपकी माता का नाम स्व.सुंदरी देवी श्रीवास्तव एवं पिता का नाम
स्व .मूलचंद्र श्रीवास्तव था। चार बहनों एवं तीन भाईयो के भरे पूरे परिवार में आप पाचवी संतान हैं। आपने गणित विषय से बी.एस-सी.करने के बाद तीन विषयों (हिंदी,संस्कृत,राजनीति शास्त्र) में एम.ए. किया हैl आपने रामायण विशारद की भी उपाधि गीताप्रेस गोरखपुर से  प्राप्त की है, तथा दिल्ली पत्रकारिता विश्व विद्यालय से पत्रकारिता एवं आलेख संरचना का प्रशिक्षण भी लिया हैl भारतीय संगीत में भी आपकी रूचि है, तथा प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से आपने संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया है । इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स मुंबई द्वारा आयोजित परीक्षा CAIIB भी आपने उत्तीर्ण की है। वैदिक एस्ट्रोलॉजी महाविद्यालय उदयपुर से एस्ट्रोलॉजी में पीएचडी (गोल्ड मेडलिस्ट) किया हैl आप शतरंज के एक अच्छे खिलाड़ी भी है, आप विभिन्न कवि सम्मलेनों- विचार गोष्ठियों, मोटिवेशनल कार्यक्रमों में भाग लेते रहते हैं, मंच संचालन में महारथी अमल की लेखन विधा-गद्य एवं पद्य दोनो हैl देश के नामी पत्र-पत्रिकाओ में आपकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं, तथा रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी केन्द्रों एवं टीवी चैनलों से भी होता रहता है।
आप विभिन्न धार्मिक,सामाजिक,साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैंl आप अखिल विश्व गायत्री परिवार के छत्तीसगढ़ राज्य के उप जोन कोंडागाव के सह समन्वयक, राष्ट्रीय कायस्थ विचार फाउंडेशन के संरक्षक, " विश्व सभ्रांत समाज " के  विश्व सचिव, नेताजी सुभाष पार्टी के राष्ट्रीय उपसंयोजक, सत्य सनातन रक्षा सेना के राष्ट्रीय उप संयोजक, कायस्था फाउंडेशन के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सलाहकार, प्रेरणा हिन्दी प्रचारणी सभा के राष्ट्रीय सलाहकार, छत्तीसगढ़ कायस्थ परिवार के प्रांतीय उपाध्यक्ष और लोक संचेतना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
बचपन से ही आप रामलीला, नाटक, प्रहसन आदि छोटी, मोटी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कृत होते रहे हैं, परन्तु महत्वपूर्ण उपलब्धि आपके प्रथम काव्य संकलन ‘अंगारों की चुनौती’ का म. प्र. हिंदी साहित्य सम्मलेन द्वारा प्रकाशन एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के  तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुन्दरलाल पटवा द्वारा उसका विमोचन तथा  छत्तीसगढ़ के प्रथम राज्यपाल श्री दिनेश नंदन सहाय ज द्वारा सम्मानित किया जाना कही जा सकती है ।
इसके अलावा देश की विभिन्न सामाजिक और साहित्यक संस्थाओं द्वारा प्रदत्त सम्मानों की संख्या 100 से भी ज्यादा पहुंच चुकी है।
अभी तक आपकी 04 पुस्तकें अंगारो की चुनौती, भगवान चित्रगुप्त पूजन, सभ्रांत दर्शन, और दहकते अंगारे, प्रकाशित हो चुकी हैं, अभी हाल ही में आपकी चतुर्थ कृति "दहकते अंगारे" का विमोचन छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरूण साव जी द्वारा किया गया है।
आप सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कैशियर,असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर, आडिटर, सीनियर मैनेजर आदि विभिन्न पदों पर काम कर चुके है ।
 बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ अमल वर्तमान में बिलासपुर (CG) में रहकर ज्योतिष, साहित्य, गायत्री परिवार एवं अन्य माध्यमों से समाजसेवा कर रहे हैं। डॉ शिवशरण श्रीवास्तव अमल को उनकी उपलब्धि पर कवि संगम त्रिपाठी, डॉ गुंडाल विजय कुमार, प्रदीप मिश्र अजनबी, डॉ हरेन्द्र हर्ष, राजकुमारी रैकवार राज, संतोष कुमार पाठक, बिनोद कुमार पांडेय, बलराम द्विवेदी, संदीप कुमार सक्सेना, गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी, मदन श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी है।

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