बातों की बात - हरी राम यादव

 
pic

क्या काम किया क्या काम करोगे,
इस पर होनी चाहिए अब बात।
सहानुभूति उपजाने के लिए हरी,
नहीं चाहिए शब्दों से घात प्रतिघात।
नहीं चाहिए शब्दों से घात प्रतिघात,
बात नहीं है देश की समस्या का हल।
बातों में उलझाकर नहीं होगा प्यारे,
कभी देश के जन का अच्छा कल ।
बातों से केवल कुछ क्षण भरमा लोगे,
कुछ ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटा लोगे।
लेकिन जब आंखों से पर्दा हट जाएगा,
तब बातें सुनना वाला रोयेगा चिल्लायेगा।

बात अगर करनी है बहुत जरूरी,
तो कीजिए शिक्षा चिकित्सा पर बात ।
मंहगाई पर आप खूब मुंह खोलिए,
जो कर रही जन पर रोज आघात।
जो कर रही जन पर रोज आघात,
पात पात डोल रहा गरीब बेचारा।
सड़कों और चौराहों पर घूम रहा,
लिए रोटी की पोटली मारा मारा।
क्या अनिश्चितता की पीड़ा देखी,
क्या कभी आपने किया उससे बात।
केवल बातें  करने से न बात बनेगी,
जीवन जीकर देखना होगा उसके साथ।
- हरी राम यादव, अयोध्या, उत्तर प्रदेश 
फोन नंबर - 7087815074
 

Share this story