उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस विशेष : हरी राम यादव

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utkarshexpress.com  (उ० प्र०) - उत्तर प्रदेश का वह भू भाग है जहां अवध की धरती पर राजा दशरथ के यहां श्रीराम ने जन्म लिया और अपने जीवन में उच्च आदर्शों के कारण पुरूषोत्तम बने,, उनके द्वारा जनहित में स्थापित किए गये मानदंड आज भी नजीर बने हुए हैं । द्वापर में अर्जुन को गीता का पाठ पढ़ाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण ने इसी प्रदेश की धरती पर जन्म लिया। स्वजनों के मोह में आकर युद्ध से बिमुख होते अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित किया। अर्जुन को युध्दभूमि  में दी गयी वह प्रेरणा आज विश्व को गीता का पाठ पढा रही है और विश्व को “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का उपदेश देकर कर्तव्य पथ पर चलने के  लिए अग्रसर कर रही है। 12 वीं शताब्दी में पैदा हुए वीर आल्हा ऊदल की जन्म भूमि महोबा इसी प्रदेश में है जिनकी तलवार की खनक आज भी वर्षा ऋतु में पूरे देश में आल्हा के रुप में गूंजती है।
1857 की क्रांति के नायक मंगल पाण्डेय, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बहादुर शाह जफर, झलकारी बाई, ऊदा देवी, अवध की बेगम हज़रत महल, बख्त खान, नाना साहेब, मौल्वी अहमदुल्ला शाह, राजा बेनी माधव सिंह, गंगाबख्श रावत, चन्द्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, असफाक उल्लाह खां, ठाकुर रोशन सिंह जैसे वीरों की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश ही है। इस प्रदेश के इन वीरों के खून में धधकती ज्वाला की चिंगारी से ही अंग्रेजों की सत्ता जलकर भस्म हुई। 
इसी प्रदेश की धरती पर जन्मे नायक छत्ता सिंह की वीरता की कायल ब्रिटिश सरकार थी। जिन्होंने उन्हें विक्टोरिया क्रास से सम्मानित किया।  1948 के भारत पाक युध्द में पाकिस्तान का मुंह मोड़ने वाले नायक जदुनाथ सिंह इसी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के निवासी थे। सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद का गांव धामपुर, गाजीपुर जिले, उत्तर प्रदेश के ही है,  जिन्होंने 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में पैटन टैंकों की कब्रगाह बना डाली थी। अपने कर्तव्यों को पूरा करते हुए अपनी पोत के साथ जल समाधि लेने वाले महावीर चक्र विजेता कैप्टन महेन्द्र नाथ मुल्ला इसी प्रदेश के गोरखपुर की भूमि पर पले बढ़े थे। इसी प्रदेश के बेटों कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव ने कारगिल की अजेय पहाड़ियों पर चढ़कर दुश्मन की गर्दन मरोड़ी थी।  
देश में अब तक लड़े गये युद्धों में अपनी  वीरता, शौर्य और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले वीरों में 04 परमवीर चक्र विजेता इसी प्रदेश के हैं जबकि अब तक देश में कुल 21 वीरों को परमवीर चक्र दिए गये है। 01 बिक्टोरिया क्रास, 19 महावीर चक्र, 91 वीर चक्र, 06 अशोक चक्र, 20 कीर्ति चक्र, 106 शौर्य चक्र, 503 सेना मेडल विजेता तथा 97 मेंशन इन डिस्पैच प्राप्त करने वाले भी इसी प्रदेश की माटी के लाल हैं। हाकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद इसी प्रदेश के प्रयागराज के निवासी थे।
जहां उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है वहीं वर्तमान में इसने देश को सैन्य क्षेत्र में बहुत बडी मानव शक्ति दी है। इस समय लगभग 1, 70000 लोग सेना  वायु सेना और नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान समय में तीनों सेनाओं में अपनी सेवा दे चुके सैनिकों की संख्या साढे चार लाख है। देश के 66 कैंटोन्मेंट बोर्ड में से 14 कैंटोन्मेंट बोर्ड इसी प्रदेश में हैं। 
इसी प्रदेश के गाजीपुर जिले का गांव गहमर एशिया का सबसे बडा गांव है, जिसकी कुल जनसंख्या 1.27 लाख है।  जहां पर वर्तमान समय में लगभग 12 हजार लोग सेना में सेवारत हैं। इस गांव में लगभग 15 हजार सेवानिवृत्त सैनिक हैं। बुलंदशहर का सैदपुर गांव जिसकी कुल आबादी लगभग 21000 हजार है। सरकारी आंकड़ो के अनुसार इस गांव में 2450 लोग पेंशन ले रहे हैं। । वर्तमान समय में लगभग 100 लोग सेना में सेवारत हैं। इस सैनिकों के गांव में सिपाही से लेकर मेजर जनरल के रैंक तक लोग निवास करते हैं।
यमुना के आंचल में बसा सैनिकों का गांव रुदमुली जनपद आगरा की बाह तहसील में स्थित है जम्मू और कश्मीर के आर एस पुरा सेक्टर का नाम जिन ब्रिगेडियर रणबीर सिंह के नाम पर रखा गया है वह ब्रिगेडियर रणबीर सिंह इसी गांव के रहने वाले थे। प्रथम विश्व युध्द में इस गांव के 82 सैनिकों ने हिस्सा लिया और 06 लोग शहीद हो गये थे तथा द्वितीय विश्व युध्द में 90 सैनिकों ने भाग लिया और 04 लोग शहीद हो गये। 1947 - 48 के भारत पाकिस्तान युध्द में इस गांव के 52 सैनिकों ने भाग लिया और 02 लोग मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे।  सन् 1971 के भारत पाक युद्ध में जनपद आगरा की बाह तहसील के कुल 350  जवानों ने युध्द लड़ा था जिसमें से 88 सैनिक इसी गांव के थे। 
आगरा एक्सप्रेस वे, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर 3-3 एयर स्ट्रिप वाला यूपी देश का पहला राज्य है जबकि हमारे पडोसी देश पाकिस्तान के पास पूरे देश में दो ही एक्सप्रेस वे रनवे हैं। युद्ध के समय हमारी वायु सेना इनका इस्तेमाल कर सकती है। 
उत्तर प्रदेश की धरती ऋषियों मुनियों की धरती रही है। इसी प्रदेश की धरती पर ऋषि अगस्त्य,  मुनि भारद्वाज़,  महर्षि दुर्वासा,  भृगु,  गुरू वशिष्ठ हुए। इसी प्रदेश की धरती पर सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र हुए। जिनका नाम पूरी दुनिया में ईमानदारी के लिए मुहावरा बन गया है। मैनपुरी इसी प्रदेश का जनपद है जहां पर च्यवन ऋषि हुए थे जिनका बनाया हुआ च्यवनप्राश पूरे देश में सेहत का पर्याय बना हुआ है।  सारनाथ उत्तर प्रदेश में स्थित है जहां भगवान गौतम बुध्द ने अपना पहला उपदेश दिया। सारनाथ का स्तम्भ आज भारत गणराज्य का राज्य चिन्ह है।  
समाज को नयी राह दिखाने वाले महर्षि बाल्मीकि, महर्षि वेदव्यास, सूर, तुलसी, कबीर,  रसखान, भारतेंदु हरिश्चंद्र, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी, आचार्य राम चन्द्र शुक्ल, मुँशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला’, सुमित्रानन्दन पन्त, मैथलीशरण गुप्त, सोहन लाल द्विवेदी, हरिवंशराय बच्चन, महादेवी वर्मा, राही मासूम रजा, हजारी प्रसाद द्विवेदी, अज्ञेय जैसे महान कवि और लेखक इसी प्रदेश के हैं । अब तक हुए कुल 15 प्रधानमंत्रियों में से 07 प्रधानमंत्री इसी प्रदेश ने दिए है। पहले प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरू, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, देश और उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री श्रीमती सुचेता कृपलानी इसी प्रदेश के हैं।

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अयोध्या, वृंदावन, मथुरा, वाराणसी और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थल यहीं पर हैं। तीन कुंभ मेलों में से एक यहीं के प्रयागराज में लगता है। रामायण, महाभारत, रामचरितमानस जैसे ग्रंथ यहां की धरती पर लिखे गये। गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू और तमसा जैसी पवित्र नदियां इसी प्रदेश में बहती है। ताजमहल जैसा पर्यटन स्थल इसी प्रदेश के आगरा जिले में स्थित है। ताले वाला अलीगढ़, चूड़ियाँ वाला फिरोजाबाद, काष्ठ शिल्प वाला सहारनपुर,  हैण्ड ब्लाक प्रिंट की चादरों वाला पिलखुवा, साड़ियाँ तथा रेशम व ज़री का काम वाला वाराणसी, चिकन की कढ़ाई का काम वाला लखनऊ,  पैच वर्क वाला रामपुर, पीतल के बर्तन वाला मुरादाबाद, टेराकोटा वाला औरंगाबाद, कैंची वाला मेरठ और कालीन के काम वाला भदोही, पूरे विश्व में अपने इत्र से खुश्बू फैलाने वाला कन्नौज़, स्वर्ग के वृक्ष “परिजात” वाला बाराबंकी इसी प्रदेश में स्थित हैं। इसके साथ साथ लोगों के मुंह मे मिठास घोलने वाली चीनी का 45 प्रतिशत उत्पादन करने वाला देश का पहला राज्य है।
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के आधार पर, 75 जनपदों के साथ देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसका कुल क्षेत्रफल 2,43,286 वर्ग किमी है तथा 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 19,95,81,447 है। इसके उत्तर में उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ और पूर्व में बिहार तथा झारखंड राज्य स्थित हैं। इनके अतिरिक्त राज्य की पूर्वोत्तर दिशा में नेपाल स्थित है।
01 अप्रैल 1937 को ब्रिटिश शासन के दौरान संयुक्त प्रान्त आगरा व अवध के रूप में इसकी स्थापना की गयी थी।  ब्रिटिश शासनकाल में इसे यूनाइटेड प्रोविंस कहा जाता था। सन् 1950 में इसे बदलकर उत्तर प्रदेश तथा सामान्य बोलचाल में यू.पी. कहा जाने लगा। इसे आज भी नाम बदलने के बाद भी संक्षिप्त रूप में यू.पी. ही कहा जाता है। इस प्रदेश का इतिहास लगभग 4000 वर्ष पुराना है। आर्यों ने दो-आब  (गंगा और यमुना का मैदानी भाग) और घाघरा नदी के क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया। इन्हीं आर्यों के नाम पर देश  का नाम आर्यावर्त पड़ा। समय के साथ - साथ आर्य भारत के अन्य क्षेत्रों में फ़ैल गये। - हरी राम यादव (स्वतंत्र लेखक) , अयोध्या, उत्तर प्रदेश फोन नंबर -  7087815077
 

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