रानीपोखरी में  पर्यटन की जमीन पर हो रही प्लाटिंग

uk

Utkarshexpress.comऋषिकेश। रानीपोखरी स्थित झीलवाला इन दिनों ‘ जमीनी खेल’ का अड्डा बन गया है। यहां पर पर्यटन की भूमि को अवैध तरीके से प्लाटिंग करके बेचा जा रहा है। मजे की बात ये है कि बिल्डर न सिर्फ स्टाम्प चोरी कर रहे हैं बल्कि रेरा कानून को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। सवाल ये उठता है कि इस गंभीर अनियमितता पर सरकारी अमला क्या कर रहा है। तथ्य ये है कि जांच के नाम पर फाइल धूल फांक रही है और एमडीडीए की नज़र अभी इस गोरखधंधे तक पहुची भी नहीं है। ये भी हो सकता है कि किसी कारणवश इस अनियमितता को नजरंदाज किया जा रहा हो।माजरा ये है कि रानीपोखरी के झीलवाला में एक पड़ोसी राज्य के धन्नासेठ ने जमीनी व्यापार का मन बनाया। नियमतः वो ढाई सौ गज ही जमीन क्रय कर सकते थे। बात बनती न देख उन्होंने पहले तो सगे संबंधियों को टुकड़ों में खरीद फरोख्त कराई। इससे भी बात नहीं बनी तो सैकड़ो बीघा जमीन पर्यटन में घोषित करवा दिया। अब उसी टूरिज्म की जमीन को प्लाटिंग करके बेचा जा रहा है। इससे न सिर्फ स्टाम्प चोरी हो रही है बल्कि रेरा कानून को भी अनदेखा किया जा रहा है। इस मामले में एक शिकायत पर जिला प्रशासन जांच भी कर रहा है। हकीकत ये है कि जांच के नाम पर घपले की फाइल धूल फांक रही है। उधर बिल्डर प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर जमीनों को निपटाने में लगे हैं। शिकायत के बाद भूमाफियाओं को जिला प्रशासन की ओर से नोटिस भी जारी किया गया। घपले पर नकेल कसना तो दूर भूमाफिया अवैध प्लाटिंग को बेचकर फरार होने में सक्रिय हो गए हैं। देखने वाली बात ये है कि शिकायत पर प्रशासन कब जागता है।

Share this story