घोड़ा - खच्चर संचालन का तारतम्य बिगाड़ने की कोशिश

 
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श्री केदारनाथ धाम यात्रा का तारतम्य बिगाड़ने के लिए कुछ लोग लगातार साजिश रच रहे हैं। अधिक धन कमाने के लालच और व्यापरियों के बरगलाने पर माल ढोने के लिए पंजीकृत घोड़ा- खच्चर संचालक श्रद्धालुओं को ढो रहे हैं। इससे केदारपुरी में निर्माण एवं अन्य अनिवार्य सामाग्री पहुंचाने में समस्या हो रही है। वहीं सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर जिला प्रशासन के खिलाफ लगातार नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की भी जा रही है।

      उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि यात्रियों को श्री केदारनाथ धाम पहुंचाने के अलावा खान- पान, निर्माण एवं एवं अन्य सामग्री ढोने के लिए करीब 820 घोड़े- खच्चर पंजीकृत किए गए हैं। इसमें से मात्र 300 घोड़े- खच्चर ही निर्माण सामाग्री जैसे सीमेंट, लोहा आदि केदारनाथ तक ले जा रहे हैं जबकि अन्य 520 घोड़े- खच्चर राशन, पूजा सामाग्री सहित अन्य सामाग्री ले जा रहे हैं। लेकिन कुछ अधिक धन कमाने के लालच और व्यापरियों के बरगलाने पर माल ढोने के लिए पंजीकृत कई घोड़ा- खच्चर संचालक श्रद्धालुओं को ढो रहे हैं। जबकि 140 से 150 घोड़ा- खच्चर ही माल एवं निर्माण सामाग्री ढो रहे हैं। इसके अलावा केदारपुरी में निर्माण कार्यों में जुटी कंपनियों में पंजीकृत घोड़े- खच्चर संचालकों को भी ज्यादा धन का लालच देकर एवं बरगला कर स्थानीय व्यापारी अपना निजी समान ढोने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उप जिलाधिकारी ने सभी घोड़ा- खच्चर संचालकों से अपील करते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम के लिए समय पर सभी अनिवार्य सामाग्री पहुंचना भी बराबर जरूरी है। इसलिए सभी घोड़ा- खच्चर संचालकों से अपील है कि पंजीकरण के अनुसार ही कार्य करें। माल ढोने के लिए पंजीकृत संचालक केवल माल ढोने का कार्य करें न कि यात्री पहुंचाने का। 

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