हिंदी रथयात्रा आंदोलन नहीं आवाज है : संगम त्रिपाठी

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Utkarshexpress.com जबलपुर - विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 2022 को जबलपुर मध्यप्रदेश से राजघाट दिल्ली तक आयोजित प्रेरणा हिंदी रथयात्रा आंदोलन नहीं आवाज है।प्रेरणा हिंदी रथयात्रा के सूत्रधार कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं जो कि बहुत ही गौरवपूर्ण बात है व इस ऐतिहासिक महोत्सव में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिले यह अपने आप में बहुत ही खुशी की बात होगी।हिंदी रथयात्रा में आप सभी शामिल हो कर इस आवाज को शक्ति प्रदान करें।
आज हम हिंदी को गरिमा नहीं प्रदान कर पाए तो कभी नहीं कर पायेंगे क्योंकि वर्तमान सरकार संवेदनशील व राष्ट्रधर्मी है और ऐसे समय में हिंदी को सम्मान मिले ऐसी आशा और अभिलाषा मेरे मन में है। आप सभी साहित्य मनीषियों, कवियों, पत्रकारों व बुद्धिजीवियों के संबल से ही यह गौरवगाथा लिखी जा सकती हैं यह मेरा विश्वास है। प्रेरणा हिंदी रथयात्रा के संयोजक श्री राम चन्द्र प्रसाद कर्ण जी ने आव्हान किया है कि आप सभी प्रेरणा के इस यज्ञ में अपना अमूल्य योगदान प्रदान कर हिंदी को संबल प्रदान करें।

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