महाराजा रणवीर सिंह रोहिला चौक के सौंदर्यकरण का शुभारंभ

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Utkarshexpress.com- राजपूत सम्राट रोहिलखंड नरेश सूर्य वंशी क्षत्रिय महाराजा रणवीर सिंह रोहिला चौक के सामने प्राचीन रोहिला किला वर्तमान जिला कारागार के सामने देहरादून रोड ऐतिहासिक नगरी सहारनपुर में आज रचा गया क्षत्रिय इतिहास, नगरायुकत ज्ञानेंद्र सिंह महापौर संजीव वालिया, पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा,पूर्व विधायक राजीव गुंबर, महानगर अध्यक्ष भाजपा राकेश जैन अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद रजिस्टर्ड सम्बद्ध अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री कुलदीप सिंह रोहिला, प्रांतीय अध्यक्ष प्रेमचंद रोहिला और पूर्व महामंत्री रामपाल सिंह रोहिला ने संयुक्त रूप से नारियल तोड़ कर भव्य निर्माण और महाराजा रणवीर सिंह रोहिला चौक के सौंदर्य करण का शुभारंभ किया, इससे क्षत्रिय महापुरुषों के सम्मान में सहारनपुर के इतिहास में एक नया पृष्ट जुड़ गया है जिससे ऐतिहासिक नगरी सहारनपुर का और भी महत्व बढ़ जाएगा कार्यक्रम संयोजक पार्षद श्रीमति रेखा रोहिला नगरायुक के साथ नगर निगम की पूरी टीम के साथ पहुंची, सभी अधिकारी कर्मचारी और स्थानीय लोगो ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर भाग लिया, इस अवसर पर क्षत्रिय अस्तित्व न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय प्रचारक एवम ABRKVP के मीडिया प्रभारी समय सिंह पुंडीर, नरेश राणा, अजय सिंह रोहिला एडवोकेट, अधिशासी अधिकारी सेवा निवृत विनोद कुमार रोहिला, महानगर अध्यक्ष राकेश रोहिला ,प्रदूमन नगर बूथ प्रभारी एडवोकेट संजय रोहिला, जिला मंत्री विजेंद्र सिंह रोहिला प्रदीप कुमार रोहिला आर पी सिंह रोहिला संस्थापक ज्योतिक फरमास्युतिकल, पार्षद प्रमोद चौधरी, विराट पूरी, केवल मंडल अध्यक्ष राजकुमार कालड़ा, मुकुल आदि लगभग पांच सो लोग उपस्थित हुए इस ऐतिहासिक क्षण का वर्ष दो हजार अट्ठहराह से इंतजार था, जब से यह चौक स्वीकृत किया गया था, तीन अगस्त रक्षा बंधन के दिन महाराजा रणवीर सिंह रोहिला के शौर्य दिवस को सन 2020 में किया गया था शिलान्यास और भूमि पूजन, इसके लिए समस्त क्षत्रिय समाज को बहुत बहुत बधाई,। महाराजा रणवीर सिंह रोहिला ने दिल्ली सल्तनत को तीस साल धूल चटाई चौहान के पतन के बाद सभी राजपूत शक्तियां इकट्ठी की ओर देश में इस्लामीकरण को रोक नदीरुद्दीन महमूद उर्फ चंगेज को हराया घुटने टेकने पर मजबूर किया था, तथा सभी लूटा समान धन आदि वापिस ले लिया था और प्राणदान मांगने पर छोड़ा था। इनका रक्षा बंधन के दिन १२५४, में  बलिदान हो गया था इस दिन को समस्त राजपूत समाज शौर्य दिवस के रूप में मनाता है और इनके जन्म दिन (कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की प्रथमा तिथि सन1204 तदानुसार 25 अक्टूबर) को स्वाधीनता और स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाता है,। गत वर्ष 2021 के 25 अक्टूबर को मेवाड़ के राज महल में महाराजा रणधीर सिंह भिंडर जी ने अलवर के महान इतिहास कार कुंवर राजेंद्र सिंह नरूका और युवा दिलो की धड़कन राजपा के संस्थापक सदस्य कुल दीप सिंह रोहिला की उपस्थिति में जयंती बड़ी धूम धाम से मनाई गई, 
क्षत्रिय एकता के बढ़ते कदम और राजपूत राजाओं को भारत के इतिहास में मिलता सम्मान इस बात का द्योतक है किट आज हम अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख गए है।।।
जय जय राजपूताना रोहिलखंड, जिसके अस्तित्व की रक्षा किए आया सम्पूर्ण क्षत्रिय समाज सामने विशेष रूप से शीर्ष नेतृत्व कुंवर,अजय सिंह,श्री राजेंद्र सिंह परिहार, कुंवर राजेंद्र सिंह नरूका, भाई शेर सिंह राणा, भाई ओकेंदर राणा, महिपाल सिंह मकराना, दादा सुख देव सिंह गोगा महेड़ी के द्वारा मिले प्रोत्साहन से स्मपूर्ण क्षत्रिय समाज जागृत हो गया, ये सब क्षत्रिय एकता के लिए सदेव संघर्ष करते है।

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