मनोरंजन
इस तरहां यहाँ लोगों से – गुरुदीन वर्मा

इस तरहां यहाँ लोगों से, रहा नहीं मतलब मुझको।
मिला हर कोई बदलता, पल में रूप अपना मुझको।।
इस तरहां यहाँ लोगों से—————————।।
पिलाया जाम जिसने, बिठाके प्रेम से कल को।
किया बदनाम उसी ने, बसाके करीब मुझको।।
इस तरहां यहाँ लोगों से——————-।।
जिसपे कोई शक नहीं था, वफ़ा जो दिल से था।
किया बे-शहर उसी ने, करके बे-नसीब मुझको।।
इस तरहां यहाँ लोगों से——————-।।
देखा उनका भी खुदा, और रहमो-मजहब भी।
किया खून मेरा उन्हीं ने, मानके हबीब मुझको।।
इस तरहां यहाँ लोगों से———————।।
जिसमें मेरी जान बसी थी, जिससे की सच्ची मोहब्बत।
मानके दुश्मन उसी ने, किया बर्बाद मुझको।।
इस तरहां यहाँ लोगों से———————।।
– गुरुदीन वर्मा आज़ाद
तहसील एवं जिला-बारां (राजस्थान)




