मनोरंजन
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आइकू – डॉ सुधीर श्रीवास्तव
पुस्तकें फैलाती हैं ज्ञान का प्रकाश हम सबके जीवन में। साथी होती पुस्तकें हमारे जीवन की सबसे सच्ची दोस्त होतीं।…
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गजल – नीलकान्त सिंह नील
सबके सब वे पराए हुए। जो भी हमारे अपने रहे।। दोस्त यार भाई बहन नहीं धुएँ को गले लगाए रहे।।…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
माँ सुनाती आज लोरी,बस सुलाने के लिये, प्यार से देती है थपकी,दुख मिटाने के लिये। आ बिठा लूँ दिल…
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सितम मौसम के – सुनील गुप्ता
( 1 ) सितम मौसम के, क्या-क्या नहीं सहे हमने !! ( 2 ) भरम था हमें, गर्मी से पार…
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माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी संपन्न
utkarshexpress.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य…
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मूक वार्तालाप – प्रवीण त्रिपाठी
दो मित्रों में हो रही, दिल से दिल की बात। भाषा का बंधन नहीं, भावों में निष्णात ।।1 दोनों हैं…
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आम( विधा- आइकू) – डॉ ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’
आइकू:- नवीन काव्य विधा है, यह हाइकु और फायकू के जोड़ पर ही नव प्रस्तावित विधा है। हाइकु में जहाँ…
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मन क्यूँ बहका – सविता सिंह
ना जाने मन क्यों हर्षाया, किसने है ये राग सुनाया, विकल आहत इस तन मन पर फिर वही बसंत है…
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पृथ्वी – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
धरती ने चुपके से मुझसे कहा, “कब तक यूँ ही मुझको तुम जलाओगे?” मैंने झुककर उसका हाथ थामा, पर उत्तर…
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सर्दी – नीलांजना गुप्ता
सर्दी के दिन में लगे अतिथि न आवे गेह। ठंडी पुरवइया चले तो भागा फिरे सनेह।। घर घर में…
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