मनोरंजन
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अपने लाल बहादुर – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
दो अक्टूबर जब भी आता, छुट्टी सभी मनाते हैं। इसके पीछे के कारण को, सब जन सदा भुलाते हैं। लाल…
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जब भी सितम्बर आता है – विनोद निराश
जब-जब सितम्बर आता है, एक अलग अनुभूति दिलाता है, मन पुलकित हो जाता है, सब कुछ नया सा हो जाता…
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श्रीविका – सुनील गुप्ता
बिटिया की बिटिया अति प्यारी श्रीविका ! है लक्ष्मी स्वरूपा…, सुंदर रुप मलिका !!1!! घर आँगन बगिया पुष्पों से महकी…
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सपना पूरा करने का सपना (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – सपने यदि खुली आँखों से देखे जाएँ तो सपने नही कहलाते, केवल बुनी जाने वाली कल्पनाएँ कहलाते हैं।…
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पूर्णिकांश – श्याम कुंवर भारती
देव शिल्पी विश्वकर्मा – देव शिल्पी श्री विश्वकर्मा विश्व में शिल्प के निर्माता हैं। रचते नित्य नूतन जग में शिल्प…
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पितर पाख – अशोक यादव
मरे पुरखा मन के बिकट आव-भगत होवत हे, जियत-जागत मनखे के कोनो नइ हे पुछारी। सरग के पहुना मन बर…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
खुद को सच्चा तुम कहते हो। रिश्तों मे धोखा करते हो। खोया तेरी यादो मे मैं, मुझको पाग़ल़ क्यो…
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शुभ गणेशोत्सव – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
श्री गणेश मंगल करें, हरें सभी संताप। भक्तजनों को छू सकें, नहीं कभी भवताप।। आते हैं हर साल वह, हो…
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नाभिनाल का अटूट रिश्ता – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – माँ को पढ़ना दरअसल उस मौन को पढ़ना है जिसे वह जन्म से पहले से पल-पल कष्ट सहकर…
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डॉ रमा कान्ता हरियाणा की किताब जो तुमने कहा मैंने माना का विमोचन होगा – कवि संगम त्रिपाठी
utkarshexpress.com जबलपुर/मथुरा: प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में मथुरा में एक भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन एवं ‘हिन्दी अभिव्यक्ति सभा’ का…
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