शिक्षा

गीत राधा माधव: राधा-कृष्ण भक्ति और प्रेम का जीवंत संगीतमय रूप

 

Utkarshexpress.com नयी दिल्ली। वृंदावन की आध्यात्मिक छटा और राधा-माधव के शाश्वत प्रेम को केंद्र में रखकर रचित काव्यकृति “गीत राधा माधव” इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। कृति की विशेषता यह है कि इसे केवल पढ़ा ही नहीं जा रहा, बल्कि संगीतमय ऑडियो-वीडियो माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। ये सभी विडिओज़ keshav culture के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं l

केशव कल्चर की संस्थापिका आदरणीया दीप्ति शुक्ला की कलात्मक, भावत्मक संगीतबद्ध प्रस्तुतियों ने इस काव्य को नया आयाम प्रदान किया है। साथ ही डा.नीरज कुमार ‘नीर’ ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लेखक अनुज तिवारी का मानना है कि यह कृति केवल कविता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है, जो पाठकों और श्रोताओं के हृदय में राधा-कृष्ण की उपस्थिति को साकार कर रही है। उन्होंने अपने वक्तव्य में विशेष रूप से पूरी केशव कल्चर टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह गीत माधव-राधा की मधुबन लीलाओं को जीवंत कर रहे हैं।

साहित्यिक समीक्षकों के अनुसार, “गीत राधा माधव” श्रृंगार और विरह-वेदना की भावनाओं को सहज रूप में प्रस्तुत करता है। वहीं श्रोताओं ने भी इसे राधा-कृष्ण भक्ति का दिव्य अनुभव बताया है।

इस कृति के बढ़ते प्रभाव से यह स्पष्ट है कि “गीत राधा माधव” केवल एक रचनात्मक प्रयोग नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम का ऐसा उत्सव है जो आने वाले समय में और भी व्यापक स्तर पर अपनी छाप छोड़ेगा।

केशव कल्चर संस्था का यह प्रयास अभिनन्दनीय है l विदित हो केशव कल्चर पिछले 4 वर्षों राधा कृष्ण भक्ति रस का आधुनिक तकनीक से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार कर रहा हैl संस्था की महानिदेशिका आदरणीया प्रतिभा शर्मा ने सभी को बधाई दी और शरद पूर्णिमा पर महादेव के गीत के रिलीज की घोषणा कीl

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